कातिल पिता को उम्रकैद : कुएं में धकेल कर पुत्र की हत्या पुत्री की भी हत्या का प्रयास, ससुर ने कराई थी एफआईआर
25 गवाह और 26 दस्तावेजी साक्ष्य पेश
अपर सेशन न्यायाधीश संख्या चार ऋतु मीणा ने कुएं में धक्का देकर पुत्र हर्ष की हत्या करने व पुत्री संध्या को जान से मारने का प्रयास करने के दोषी शराबी पिता तलाई हाथीखेड़ा निवासी विजय सिंह रावत उर्फ आकाश रावत को आजीवन कारावास एवं तीस हजार रुपए जुर्माना की सजा दी।
अजमेर। अपर सेशन न्यायाधीश संख्या चार ऋतु मीणा ने कुएं में धक्का देकर पुत्र हर्ष की हत्या करने व पुत्री संध्या को जान से मारने का प्रयास करने के दोषी शराबी पिता तलाई हाथीखेड़ा निवासी विजय सिंह रावत उर्फ आकाश रावत को आजीवन कारावास एवं तीस हजार रुपए जुर्माना की सजा दी है। खासबात यह है कि पुत्र की हत्या के मामले में मृतक की मां चंद्रकांता ने ही पति के विरुद्ध ठोस बयान देकर और घटना की चश्मदीद गवाह रही मृतक हर्ष की बहन एवं आरोपी की बेटी द्वारा दी गई जानकारी ही सजा का मजबूत आधार रही। प्रकरण के अनुसार गंज पुलिस थाने में कवलई निवासी भंवर सिंह ने 7 जुलाई 23 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी चंद्रकांता का विवाह वर्ष 2011 में तलाई हाथीखेड़ा निवासी विजय सिंह रावत उर्फ आकाश रावत के साथ हुआ था।
जिससे दो बेटी श्रेष्ठा व कुमारी संध्या उर्फ मोन्टी व पुत्र हर्ष हुआ। विजयसिंह शराब पीने का आदी था और उसकी बेटी से मारपीट करता था। उन्होंने पुलिस को बताया कि चंद्रकांता का फोन आया कि पति विजय सिंह अपने तीनों बच्चों को कुएं में फेंकने ले गया। इनमें से बेटी श्रेष्ठा पिता से हाथ छुड़ाकर भाग गई और उसने बताया कि पिता विजय ने संध्या व हर्ष को कुएं में धकेल दिया है। उसके चिल्लाने से पास में रहने वाले छगन ने कुएं में छलांग लगाकर दोनों बच्चों को कुएं से निकाला। उनमें संध्या जिंदा थी जबकि हर्ष की मृत्यु हो चुकी थी।
25 गवाह और 26 दस्तावेजी साक्ष्य पेश
अपर लोक अभियोजक गुलाम नज्मी फारुकी ने विजय सिंह रावत का अपराध प्रमाणित करने के लिए 25 गवाह और 26 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने, पत्रावली का अवलोकन करने, आरोपी की पत्नी और बेटी के बयानों के आधार पर विजय सिंह रावत उर्फ आकाश रावत को आजीवन कारावास और तीस हजार रुपए जुर्माना की सजा दी।

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