नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 साल की जेल, जानें पूरा मामला
52 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया
बालिका को बहला फुसलाकर ले गया था।
कोटा । नाबालिग बालिका को बहला फुसलाकर अपहरण करने तथा दुष्कर्म करने के मामले में पोक्सो कोर्ट चार के न्यायाधीश विक्रम सिंह ने आरोपी को दोषी करार देते हुए गुरुवार को बीस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए 52 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है। जामुनिया निवासी महेन्द्र(23) पुत्र मोहन, के खिलाफ पीड़िता के परिजनों ने ग्रामीण इलाके के एक पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस पर पुलिस ने धारा 363, 366ए भारतीय दण्ड संहिता एवं धारा 5(एल)/6, 5(एम)/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 में मुकदमा दर्ज किया था। अनुसंधान के दौरान बालिका को दस्तयाब कियाऔर उसके बयानों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले में रेप की धारा को जोड़ते हुए कोर्ट में चालान पेश किया था।
विशिष्ट लोक अभियोजक वन्दना नागर ने बताया कि 19 फरवरी 2024 को पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दी जिसमें बताया कि उसके तीन बेटी और एक बेटा है। बड़ी बेटी की कुछ दिनों पूर्व शादी की थी। दूसरी बेटी पीड़िता अपनी बड़ी बहन के पास ही रह रही थी। 18 फरवरी को वह दिन में चार बजे घर से बिना बताए चली गई। सब जगह तलाश करने पर भी उसका कोई सुराग नहीं मिला । तब पिता ने महेन्द्र पर बहला फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई । इस पर पुलिस ने अनुसंधान के दौरान आरोपी महेन्द्र को गिरफ्तार कर बालिका को दस्तयाब किया। उसके खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। ट्रायल के दौरान लोक अभियोजन पक्ष की और से कई गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज करवाए गए।

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