रामगढ़ क्रेटर में फिर चीते की कदमताल : केपी-2 ने किया शिकार, वनप्रेमियों में उत्साह तो ग्रामीणों में दहशत
बांझआमली वनखंड में दूसरी बार दिखी मौजूदगी
कूनो नेशनल पार्क से निकलकर चीता केपी-2 ने दूसरी बार रामगढ़ के जंगलों में दस्तक दी। उसकी लगातार बदलती लोकेशन ने वन विभाग को अलर्ट मोड पर ला दिया है, वहीं ग्रामीणों में दहशत और वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह का माहौल।
किशनगंज। किशनगंज तहसील क्षेत्र स्थित विश्व प्रसिद्ध रामगढ़ क्रेटर एक बार फिर चचाअरं में है। कूनो नेशनल पार्क से निकलकर चीता केपी-2 ने दूसरी बार रामगढ़ के जंगलों में दस्तक दी है। उसकी लगातार बदलती लोकेशन ने वन विभाग को अलर्ट मोड पर ला दिया है, वहीं ग्रामीणों में दहशत और वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। जानकारी अनुसार शनिवार को रामपुर टोड़िया के पास पहली बार चीते की मूवमेंट ट्रेस की गई। रविवार सुबह वह मध्य प्रदेश सीमा में प्रवेश कर गया, लेकिन महज 8-9 घंटे बाद ही यू-टर्न लेकर पुन: राजस्थान लौट आया। इसके बाद वह चंद्रपुरा नयागांव क्षेत्र में देखा गया। क्षेत्र में प्रवेश करते ही चीते ने एक नीलगाय का शिकार किया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व दिसंबर माह में भी केपी-2 ने इसी इलाके में नीलगाय का शिकार किया था।
प्रचुर शिकार और अनुकूल वातावरण के कारण यह इलाका अब उसके पसंदीदा ठिकानों में शामिल होता दिख रहा है। मंगलवार को चीता बांझआमली वनखंड के समीप सरसों के खेत में दिनभर बैठा रहा, जिससे आसपास के गांवों में हलचल बनी रही। वन विभाग की टीम कूनो से आई ट्रैकिंग टीम के साथ लगातार लोकेशन मॉनिटर कर रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि रामगढ़ क्रेटर की जैव विविधता चीतों के संरक्षण के लिए सकारात्मक संकेत है।
इनका कहना है
मंगलवार को चीता केपी-2 रामगढ़ से लगभग 3 किलोमीटर पर बांझआमली वनखंड क्षेत्र में विचरण करता नजर आया। सोमवार को केपी 2 ने एक नीलगाय का शिकार किया था।
-विवेकानंद माणिकराव बड़े, उपवन संरक्षक बारां।

Comment List