जयपुर पुलिस के 6 जवान बने “कांस्टेबल ऑफ द मंथ” : उत्कृष्ट कार्यों के लिए हुए सम्मानित, मित्तल ने कहा- पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाते है पुरस्कार
उत्कृष्ट सेवा देने के लिए प्रेरित किया
पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने “कांस्टेबल ऑफ द मंथ” अवार्ड से छह पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। सियाराम ने 82, श्रीराम जांदू ने 201 मोबाइल बरामद किए। महेश ने वारंट निस्तारित किए, पवन ने इनामी अपराधी पकड़ा। प्रेस सिंह ने ट्रैफिक में उत्कृष्ट कार्य किया, वहीं रामकिशोर ने परिसर सौंदर्यीकरण में योगदान दिया।
जयपुर। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने गुरुवार को पुलिस आयुक्तालय में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्कृष्ट, सराहनीय एवं समर्पित कार्य करने वाले छह पुलिसकर्मियों को “कांस्टेबल ऑफ द मंथ” अवार्ड से सम्मानित किया। इस अवसर पर मित्तल ने कहा कि पुलिस का ध्येय आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय की भावना स्थापित करना है और जयपुर पुलिस इस दिशा में लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि इस तरह के पुरस्कार पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाते हैं और उन्हें बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में सभी सम्मानित पुलिसकर्मियों के कार्यों की सराहना की गई और उन्हें आगे भी इसी प्रकार उत्कृष्ट सेवा देने के लिए प्रेरित किया गया।
फरवरी 2026 के लिए चयनित पुलिसकर्मी
- सियाराम (जवाहर नगर थाना) ने सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से 82 गुम मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों को सौंपने में अहम भूमिका निभाई।
- श्रीराम जांदू (तकनीकी शाखा, जयपुर पश्चिम) ने “वज्र प्रहार 2.0” अभियान के तहत तकनीकी सहयोग से 201 मोबाइल फोन (कुल मूल्य 38.5 लाख रुपये) रिकवर करवाए।
- महेश कुमार (संजय सर्किल थाना) ने 7 स्थाई वारंटों का निस्तारण कर वांछित अपराधियों की धरपकड़ में योगदान दिया।
- पवन कुमार (सांगानेर सदर थाना) ने 15 हजार रुपये के इनामी अपराधी को गिरफ्तार कर लंबित वारंटों का निस्तारण किया।
- प्रेस सिंह (यातायात पश्चिम) ने नियमित ड्यूटी के साथ लेन सिस्टम में प्रभावी कार्रवाई करते हुए अनुकरणीय कार्य किया।
- रामकिशोर (रिजर्व पुलिस लाइन) ने पुलिस परिसर के सौंदर्यीकरण, पेंटिंग और कलात्मक कार्यों में विशेष योगदान दिया।

Comment List