हीट वेव के बचाव एवं रोकथाम : चिकित्सा संस्थानों में सुदृढ़ व्यवस्थाओं के दिए निर्देश, वेटिंग एरिया में आवश्यक प्रबंध
पीने का स्वच्छ शीतल जल की व्यवस्था
हीट वेव के बचाव एवं रोकथाम के लिए प्रभावी प्रबंधन किये जाने के लिए निदेशालय से प्राप्त निर्देशानुसार समस्त खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने के निर्देश। चिकित्सा संस्थानों पर बैड आरक्षित कर लू-तापघात से पीड़ित रोगियों के लिए आइसोलेशन कॉर्नर स्थापित किये जाने के निर्देश जारी।
जयपुर। जिले में हीट वेव के बचाव एवं रोकथाम के लिए प्रभावी प्रबंधन किये जाने के लिए निदेशालय से प्राप्त निर्देशानुसार समस्त खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर प्रथम डॉ. रवि शेखावत ने बताया कि समस्त खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को चिकित्सा संस्थानों में हीट वेव के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए चिकित्सा संस्थानों पर आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने के लिए निर्देशित किया गया है। इसमे इमरजेंसी कक्ष का प्रबंधन सुनिश्चित करने, तापमान नियंत्रण के लिए ए.सी./कूलर/पंखे/पर्दे इत्यादि की समुचित व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि सभी चिकित्सा संस्थानों पर बैड आरक्षित कर लू-तापघात से पीड़ित रोगियों के लिए आइसोलेशन कॉर्नर स्थापित किये जाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
लू-तापघात के उपचार में आने वाली आवश्यक दवाइयों एवं उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, हीट स्ट्रोक से संबंधित आने वाले केसों का रजिस्ट्रेशन करने के साथ ही तापमान की अधिकता की स्थिति में मनरेगा कार्य योजना के अनुरूप बचाव एवं रोकथाम करने के निर्देश दिए गए हैं। उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी स्वास्थ्य प्रथम डॉ. इन्द्रा गुप्ता ने बताया कि चिकित्सा संस्थानों में हीट वेव से बचाव सम्बन्धी आवश्यक व्यवस्थाओं जैसे ओ.पी.डी. रजिस्ट्रेशन एवं दवा वितरण काउंटर पर छाया, पीने का स्वच्छ शीतल जल की व्यवस्था, वेटिंग एरिया में आवश्यक प्रबंध के निर्देश दिए गए हैं।

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