बाड़मेर में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी मॉड्यूल का खुलासा : पाक हैंडलर मसाद से लोकेशन के जरिए सप्लाई, 150-250 मीटर सीमा के भीतर दबे मिलते थे पैकेट
डिजिटल पेमेंट और जमीन में दबा मेहनताना
एटीएस और बाड़मेर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी सलमान खान और शंकरराम पिछले छह महीनों से पाकिस्तान के हैंडलर मसाद के सीधे संपर्क में थे जो लोकेशन आधारित डेड ड्रॉप मॉडल के जरिए भारत में ड्रग्स सप्लाई कर रहा था।
जयपुर। एटीएस और बाड़मेर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी सलमान खान और शंकरराम पिछले छह महीनों से पाकिस्तान के हैंडलर मसाद के सीधे संपर्क में थे जो लोकेशन आधारित डेड ड्रॉप मॉडल के जरिए भारत में ड्रग्स सप्लाई कर रहा था। एडीजी एटीएस दिनेश एमएन ने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर व्हाट्सएप कॉल के जरिए गूगल मैप लोकेशन भेजता था। ये लोकेशन अक्सर भारत-पाक सीमा के पास सुनसान इलाकों या खेजड़ी के पेड़ों के नीचे होती थीं। आरोपी सलमान उन स्थानों पर जाकर जमीन खोदता था, जहां से उसे मादक पदाथोंर् के पैकेट मिलते थे। कई मामलों में ये पैकेट सीमा से मात्र 150 से 250 मीटर के दायरे में दबे होते थे।
डिजिटल पेमेंट और जमीन में दबा मेहनताना
पूछताछ में सामने आया कि तस्करी का भुगतान भी हाईटेक तरीके से किया जाता था। सलमान के एयरटेल पेमेंट बैंक खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर किए जाते थे। इसके अलावा बड़े काम के बदले नकद रकम भी गुप्त लोकेशन पर जमीन में दबाकर दी जाती थी, जिसकी जानकारी आरोपी को बाद में भेजी जाती थी।
स्थानीय कनेक्शन से जुड़ा नेटवर्क
सलमान ने खुलासा किया कि उसका संपर्क गांव के ही रहीम खान ने पाक हैंडलर मसाद से करवाया था। आरोपी को आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर इस नेटवर्क में जोड़ा गया। नेटवर्क इतना गोपनीय था कि एक व्यक्ति को दूसरे की जानकारी नहीं होती थी और काम पूरा होते ही चैट व लोकेशन डिलीट कर दी जाती थी।

Comment List