अजमेर में खुलेगा राजस्थान आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा विश्वविद्यालय, विधानसभा में ध्वनिमत से विधेयक पारित
आयुर्वेद आज की कोई नई चिकित्सा पद्धति नहीं
राजस्थान आयुर्वेद योग और प्राकृतिक चिकित्सा विश्वविद्यालय अजमेर विधेयक 2026 सोमवार को विधानसभा में चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित। विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री प्रो. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि पिछले साल प्रदेश के एक करोड़ लोगों ने एक साथ योग कर कीर्तिमान स्थापित।
जयपुर। राजस्थान आयुर्वेद योग और प्राकृतिक चिकित्सा विश्वविद्यालय अजमेर विधेयक 2026 सोमवार को विधानसभा में चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित किया गया। विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री प्रो. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि पिछले साल प्रदेश के एक करोड़ लोगों ने एक साथ योग कर कीर्तिमान स्थापित किया है। यह केवल शेक्षणिक संस्थान नहीं है, यह अनुसंधान का केंद्र बनेगा। आयुष के क्षेत्र में दक्ष और व्यवस्थित शिक्षण अध्यापन प्रशिक्षण अनुसंधान और विकास को सुनिश्चित करने के लिए यह एक अध्यापन अनुसंधान के लिए विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा।
इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति, आयुष नीति और राज्य सरकार की स्वास्थ्य नीति के लक्षण और उद्देश्य को प्राप्त करने का भी काम करेगा। सरकार इसका क्षेत्राधिकार तय करेगी। राज्यपाल इसके कुलाधिपति होंगे। इसमें एक प्रधानमण्डल भी होगा। इसकी अपनी निधि अलग से होगी। इसमें केंद्र व राज्य का अंशदान जारी होगा। आयुर्वेद आज की कोई नई चिकित्सा पद्धति नहीं है, यह हजारों साल पुरानी है, जिसमें लोग आज भी विश्वास करते हैं। इससे पहले विधेयक पर पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने भाग लिया।

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