जल संसाधन विभाग को मिले 173 अभियंता : ड्रीम प्रोजेक्ट्स को मिलेगी नई रफ्तार, प्रोजेक्ट की आवश्यकता के अनुसार सौंपी जिम्मेदारी
पुनः समायोजन से विभागीय कार्यप्रणाली को मजबूती मिलने की उम्मीद
जल संसाधन विभाग को पंचायतीराज विभाग से 3 हजार बांध और तालाब मय कर्मचारी पूर्व में हस्तांतरित किए थे। अब 173 अभियंताओं को भी विभाग में नवीन पदों पर किया पदस्थापित। प्रोजेक्ट की आवश्यकता और विशेषज्ञता के अनुसार सौंपी जिम्मेदारी। 70 अभियंताओं को ईआरसीपी में लगाया। परियोजना कार्यों को मिलेगी गति।
जयपुर। जल संसाधन विभाग को पंचायतीराज विभाग से हस्तांतरित 173 अभियंताओं को अब औपचारिक रूप से जल संसाधन विभाग में समाहित कर दिया गया है। इससे राज्य सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट्स को नई गति मिलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार, जल संसाधन विभाग को पंचायतीराज विभाग से करीब 3 हजार बांध और तालाब मय कर्मचारी पूर्व में हस्तांतरित किए गए थे। अब इनसे जुड़े 173 अभियंताओं को भी विभाग में नवीन पदों पर पदस्थापित कर दिया गया है। सभी अभियंताओं को प्रोजेक्ट की आवश्यकता और विशेषज्ञता के अनुसार जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इनमें से 70 अभियंताओं को ईआरसीपी में लगाया गया है, जिससे परियोजना कार्यों को गति मिलेगी। उल्लेखनीय है कि ईआरसीपी राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत पूर्वी राजस्थान में जल आपूर्ति और सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। वहीं, शेष अभियंताओं को संभागवार नवीन पदों पर तैनात किया गया है, ताकि क्षेत्रीय स्तर पर बांध और तालाबों के रखरखाव व विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके। गौरतलब है कि वर्ष 2003 में जल संसाधन विभाग के अभियंता पंचायतीराज विभाग में हस्तांतरित किए गए थे। अब पुनः समायोजन से विभागीय कार्यप्रणाली को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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