किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा, न्यूनतम समर्थन मूल्य की सार्थकता के लिए संपूर्ण खरीद अपरिहार्य
किसान महापंचायत की मांग: एमएसपी खरीद गारंटी कानून बनाने पर जोर
किसान महापंचायत के अध्यक्ष रामपाल जाट ने सीएसीपी (CACP) की बैठक में एमएसपी पर खरीद गारंटी कानून की पुरजोर मांग। केवल एमएसपी घोषित करना पर्याप्त नहीं। किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए कानूनी बाध्यता और किसान हितैषी आयात-निर्यात नीति अनिवार्य ।
जयपुर। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने की सार्थकता तब ही है जब उसकी प्राप्ति की सुनिश्चितता हो, और यह तभी संभव है जब न्यूनतम समर्थन मूल्य की प्राप्ति के लिए खरीद की गारंटी का कानून बनाया जाये। इसके लिए प्रधानमंत्री द्वारा गठित समिति के उपसमूह ने 21 अप्रैल 2023 को अनुशंसा कर दी थी, जिसे भी 3 वर्ष का समय पूरा होने वाला है किंतु सरकार ने अभी तक इस पर सार्थक कार्यवाही नहीं की।
इसी प्रकार सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य को गारंटीड मूल्य वर्ष 1968 से घोषित किया हुआ है, इसके बाद भी संसद में अनेकों बार सरकार ने इसको दोहराया है, इतना ही नहीं तो संसद में घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दामों में अपनी उपज बेचने के लिए विवश नहीं होने देने का आश्वासन दिया हुआ है।
भारत सरकार व्यापारिक समझौते के अंतर्गत भारत के बाजार अमेरिका को उपलब्ध कराने के लिए आतुर है, उस प्रकार की कार्यवाही देश के किसानो को उनकी उपजो का लाभकारी मूल्य दिलाने की कार्यवाही नहीं कर रही है। इसीलिए आज निर्यात नीति के केंद्र में किसान हित नहीं रहता है। यह स्थिति तो तब है जब कृषि लागत एवं मूल्य आयोग में अनेकों बार खरीद की गारंटी का कानून बनाने, खरीद की सुनिश्चितता करने तथा आयात निर्यात नीति किसने के हितों के अनुकूल बनाने के संबंध में अनुशंसाएं की हुई है।
पिछले 60 वर्षों में आयोग द्वारा की गई किसान हितेषी अनुशंसाओ की पालना नहीं करने की समीक्षा को सार्वजनिक करने का आग्रह किया है। ये विचार आज की बैठक में किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट द्वारा रखे गए हैं। किसान संगठनों के साथ संवाद हेतु भारत सरकार की संस्था कृषि लागत एवं मूल्य आयोग द्वारा आयोजित बैठक में में रखें गये। बैठक की अध्यक्षता आयोग के चेयरमैन प्रोफेसर विजय पाल शर्मा ने की।

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