देश में होली पर 80 हजार करोड़ के कारोबार का अनुमान : राजस्थान में 5 हजार करोड़ के व्यापार की संभावना, जयपुर में बाजारों में उमड़ी भीड़
होली व्यापार: राजस्थान में 5 हजार करोड़ के कारोबार का अनुमान
होली पर देश में 80 हजार करोड़ से अधिक के व्यापार का अनुमान। राजस्थान का 5 हजार करोड़ तक पहुंचने की संभावना। जयपुर के बाजारों में उमड़ी भीड़। पहली बार बाजार में आई इलेक्ट्रिक पिचकारी। प्रमुख बाजार रंग-बिरंगे गुलाल, आकर्षक पिचकारियों, होली टी-शर्ट और सजावटी सामान से सजे।
जयपुर। Confederation of All India Traders (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद Praveen Khandelwal के अनुसार इस वर्ष देशभर में होली पर 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक के व्यापार का अनुमान है। इसी कड़ी में राजस्थान का बाजार आकार लगभग 5 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
जयपुर के थोक–खुदरा बाजारों में उमड़ी भीड़
जयपुर के नाहरगढ़ रोड, जौहरी बाजार, चांदपोल, किशनपोल और बापू बाजार, बड़ी चौपड़, छोटी चौपड़ सहित प्रमुख बाजार रंग-बिरंगे गुलाल, आकर्षक पिचकारियों, होली टी-शर्ट और सजावटी सामान से सजे हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जा रही है।
कैट के अनुसार “वोकल फॉर लोकल” के प्रभाव से स्वदेशी उत्पादों—हर्बल गुलाल, प्राकृतिक रंग, पूजन सामग्री, परिधान और खिलौनों—की मांग बढ़ी है। खास बात यह है कि इस बार पिचकारियों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किए जाने से कीमतों में कमी आई है, जिसका सीधा लाभ ग्राहकों को मिल रहा है।
पहली बार आई इलेक्ट्रिक पिचकारी, कीमत 220 से 2000 रुपए
महेश टॉयज के डायरेक्टर दिनेश जसोरिया ने बताया कि इस बार बाजार में पहली बार इलेक्ट्रिक पिचकारी आई है, जिसकी कीमत 220 से 2000 रुपए प्रति नग तक है। इसके अलावा सामान्य पिचकारी 20 से 1500 रुपए प्रति नग में उपलब्ध है।
कैप: 10 से 50 रुपए प्रति नग
होली टी-शर्ट: 40 से 100 रुपए प्रति नग
वाटर पंप: 20 से 150 रुपए प्रति नग
बैलून: 5 से 80 रुपए प्रति पैकेट
गुलाल (पैकेट): 20 से 100 रुपए
6 लीटर गुलाल सिलेंडर (दस नग पैक): 800 से 900 रुपए
व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी में कमी और स्थानीय उत्पादन बढ़ने से इस वर्ष कई उत्पादों की कीमतें पहली बार कम हुई हैं, जिससे ग्राहकों की खरीदारी बढ़ी है।
मिठाइयों और गिफ्ट आइटम की भी जोरदार मांग
होली से जुड़े सामान के अलावा मिठाइयों, ड्राई फ्रूट्स, गिफ्ट पैक, कपड़े, फर्निशिंग, किराना और एफएमसीजी उत्पादों की बिक्री भी तेज है। विशेष रूप से गुजिया की मांग में भारी उछाल देखा जा रहा है। व्यापारिक संगठनों के अनुसार होली मिलन समारोहों की बढ़ती संख्या से होटल, बैंक्वेट हॉल और रेस्टोरेंट्स की बुकिंग भी लगभग पूरी हो चुकी है।
स्वदेशी व्यापार को मिलेगा बल
व्यापार जगत का मानना है कि इस वर्ष की होली राजस्थान के व्यापारियों, खुदरा विक्रेताओं, लघु उद्योगों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। त्योहार केवल सामाजिक उत्सव नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को गति देने का माध्यम भी है—और इस बार जयपुर सहित पूरे राजस्थान में इसका स्पष्ट प्रभाव दिखाई दे रहा है।

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