एलपीजी गैस के आवंटन की नई व्यावसायिक वितरण नीति जारी : उपभोक्ताओं को संबंधित ऑयल गैस कंपनी के वितरक के साथ करना होगा पंजीकरण, प्राथमिकता के आधार पर आवंटन
खपत के अनुसार होगा आवंटन तय
नई व्यावसायिक एलपीजी नीति लागू, चरणबद्ध बहाली के साथ आपूर्ति 70% तक पहुंची। मंत्री सुमित गोदारा ने बताया—अस्पताल-शैक्षणिक संस्थानों को 100%, होटल-ढाबों को 60%, उद्योगों को 40% गैस मिलेगी। आवंटन अप्रैल 2025–फरवरी 2026 की औसत खपत पर आधारित होगा। जिला समितियां स्थानीय जरूरत अनुसार वितरण तय करेंगी।
जयपुर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने व्यावसायिक एलपीजी गैस के आवंटन के लिए नई व्यावसायिक एलपीजी वितरण नीति जारी की है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि अंतराष्ट्रीय घटनाक्रमों जनित परिस्थितियों में गत आठ मार्च को केंद्र सरकार के एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर के माध्यम से व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बंद हो गई थी, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस की सुचारू आपूर्ति जारी रह सके। अब केंद्र सरकार और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में व्यावसायिक गैस आपूर्ति को चरणबद्ध रूप से बहाल करते हुए पश्चिमी एशिया घटनाक्रमों की पूर्व स्थिति के 70 प्रतिशत तक पहुंचा दिया गया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकूतिक गैस मंत्रालय की ओर से आवंटन में बढ़ोतरी तथा राज्य द्वारा पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के विस्तार के लिए किए गए इज ऑफ डूइंग सुधारों से यह संभव हुआ है।
प्राथमिकता के आधार पर आवंटन
नई नीति के तहत विभिन्न क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आवंटन सुनिश्चित किया गया है। इसके अनुसार शैक्षणिक संस्थानों एवं अस्पतालों को 100 प्रतिशत, होटल-रेस्तरां, ढाबों एवं डेयरियों को 60 प्रतिशत, औद्योगिक उपभोक्ताओं (बल्क एवं पैक्ड सप्लाई) को 40 प्रतिशत, अन्य एनडीएनई उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत तथा प्रवासी श्रमिकों एवं फूड कार्ट्स को आवश्यकतानुसार 5 किलोग्राम सिलेंडर (अधिकतम 2) उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही मंदिरों एवं उनके रसोईघरों, विवाह समारोहों एवं धार्मिक आयोजनों को 50 प्रतिशत एलपीजी गैस उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही नई नीति के अनुसार सरकारी-नगर निगम अस्पतालों, सभी स्कूल एवं कॉलेज (होस्टल एवं मिड-डे मील सहित) सरकारी कार्यालयों के कैंटीन, पुलिस, बीएसएफ, सीआईएसएफ तथा रक्षा प्रतिष्ठानों के मेस, सहकारी समितियों के अंतर्गत संचालित कैंटीन, शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों की प्रयोगशालाओं एवं सोसाइटीज एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत धर्मार्थ संस्थाओं में शत प्रतिशत व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति जारी रहेगी।
खपत के अनुसार होगा आवंटन तय
नई व्यावसायिक एलपीजी वितरण नीति के अनुसार व्यावसायिक उपभोक्ता को दी जाने वाली मात्रा का निर्धारण अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक की औसत खपत के आधार पर होगा। इसमें वैकल्पिक ईंधन में परिवर्तित मात्रा एवं पीएनजी उपयोग की मात्रा घटाई जाएगी एवं नियमानुसार निर्धारित प्रतिशत के अंदर ही आपूर्ति होगी। यदि किसी जिले में एलपीजी बच जाती है, तो जिला स्तरीय समिति कलेक्टर की अध्यक्षता में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार निर्णय लेगी।

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