नेपाल में ईंधन सस्ता तो गैस महंगी : कस्टम नियमों में ढील, जानें भारत के मुकाबले सस्ता या महंगा
बालेन सरकार के नीतिगत बदलाव और आर्थिक हलचल
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सीमा पार सामान पर कस्टम ड्यूटी नियमों में संशोधन कर यात्रियों को राहत दी है। जहां पेट्रोल-डीजल के दाम घटे हैं, वहीं रसोई गैस ₹150 महंगी हो गई है। ये फैसले नेपाल की अर्थव्यवस्था को सुधारने और राजस्व वृद्धि के लिए ऐतिहासिक माने जा रहे हैं।
काठमांडू। नेपाल में प्रधानमंत्री बालेन शाह की नई सरकार ने सत्ता संभालने के एक महीने के भीतर कई अहम फैसले लिए हैं, जिनका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। इनमें सीमा पार से सामान लाने पर कस्टम ड्यूटी लागू करने का फैसला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। सरकार ने शुरुआत में भारत से लौटने वाले यात्रियों पर 100 नेपाली रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर टैक्स लगाने का नियम लागू किया था, जिससे सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विरोध बढ़ने के बाद सरकार ने इस नियम में आंशिक राहत देते हुए संशोधन किया है। अब यात्री कस्टम प्वाइंट पर सामान की अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) की स्वयं घोषणा कर सकेंगे, जिसके आधार पर क्लियरेंस दिया जाएगा।
इसी बीच ईंधन कीमतों में भी बदलाव किया गया है। नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन ने पेट्रोल और डीजल के दाम घटाए हैं, जिससे आम लोगों को राहत मिली है। हालांकि रसोई गैस (एलपीजी) की कीमत में 150 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिसके बाद इसकी कीमत 2160 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं, विमान ईंधन के दामों में भी इजाफा किया गया है।
पिछले दिनों बढ़ती कीमतों के कारण बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक भारत के पेट्रोल पंपों की ओर रुख कर रहे थे, लेकिन अब वहां ईंधन मिलने में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं। ऐसे में सरकार के ये फैसले आम जनता के लिए राहत और चुनौती दोनों लेकर आए हैं।

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