NEET पेपर में छात्रों को राहतों की घोषणा: परीक्षा सेंटर चुनने का मिलेगा विकल्प, 15 मिनट का मिलेगा अतिरिक्त समय ; पढ़ें केंद्रीय मंत्री प्रधान ने और क्या कहां ?
भविष्य में परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) कराने की योजना
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG छात्रों के लिए मुफ्त पुनः परीक्षा और केंद्र चुनने की सुविधा की घोषणा की है। नई परीक्षा दोपहर 2 बजे से होगी, जिसमें 15 मिनट अतिरिक्त समय मिलेगा। पेपर लीक मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है और भविष्य में परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) कराने की योजना है।
नई दिल्ली। NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने छात्रों को कई राहतें देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अगली परीक्षा के लिए छात्रों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी और परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र चुनने की सुविधा भी दी जाएगी। नई परीक्षा अब दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी तथा छात्रों को 15 मिनट अतिरिक्त समय भी मिलेगा।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की है कि नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी और छात्रों को 14 जून तक प्रवेश पत्र जारी कर दिए जाएंगे। प्रधान ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगले वर्ष से नीट परीक्षा ओएमआर शीट के बजाय कंप्यूटर आधारित मोड में कराई जाएगी। साथ ही इस बार दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों को अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा शहर चुनने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा, ताकि उन्हें यात्रा और अन्य परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि तीन मई को आयोजित परीक्षा के बाद सात मई को कुछ शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद सरकार ने तत्काल जांच शुरू कर दी। जांच में 12 मई तक यह स्पष्ट हो गया कि “गेस पेपर” के नाम पर असली प्रश्नपत्र के सवाल बाहर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि शिक्षा माफिया की वजह से किसी मेहनती और ईमानदार छात्र का भविष्य प्रभावित हो।
उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। परीक्षा माफियाओं के खिलाफ सरकार की लड़ाई जारी रहेगी और इस बार जांच एजेंसियां पूरी सख्ती से कार्रवाई करेंगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों को कठोर दंड भुगतना पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में फर्जी खबरें बड़ी चुनौती बन चुकी हैं, इसलिए छात्र और अभिभावक केवल सरकार या एनटीए की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
प्रधान ने कहा कि एनटीए हर साल करोड़ों छात्रों की परीक्षाएं आयोजित करता है और “जीरो एरर” सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाया जाएगा।

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