एक जुलाई से देशभर में लागू होगा विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम, क्या महात्मा गांधी नरेगा हो जाएगा निरस्त?
ग्रामीण विकास का नया युग
सरकार ने विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 अधिसूचित किया है, जो 1 जुलाई से मनरेगा का स्थान लेगा। अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। ₹95,692 करोड़ के रिकॉर्ड बजट के साथ, यह मिशन डीबीटी के जरिए समयबद्ध भुगतान और ग्रामीण आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करेगा।
नई दिल्ली। सरकार ने विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम को सोमवार को अधिसूचित कर दिया है और इसे एक जुलाई से देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू किया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आज बताया कि ग्रामीण विकास और रोजगार को नयी दिशा देते हुए सरकार ने आज विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) 2025 को अधिसूचित कर दिया है। यह अधिनियम 1 जुलाई से देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम लागू होने के साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (महात्मा गांधी नरेगा), 2005 उसी तिथि से निरस्त माना जाएगा। यह भारत के ग्रामीण विकास ढांचे में एक ऐतिहासिक परिवर्तन है, जो विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप एक समेकित (इंटीग्रेटेड), भविष्य उन्मुख एवं उत्पादकता (प्रोडक्टिविटी) आधारित ग्रामीण परिवर्तन के नए युग की शुरुआत करेगा।
उन्होंने कहा कि नयी व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, उन्हें प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी प्राप्त होगी। यह बढ़ी हुई गारंटी आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने, ग्रामीण आय में वृद्धि करने तथा ग्राम स्तर पर सतत विकास को समर्थन देने के उद्देश्य से लाई गई है। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार श्रमिकों को उनकी रोजगार मांग के अनुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसा न होने की स्थिति में श्रमिक बेरोजगारी भत्ता पाने के हकदार होंगे। यह अधिनियम समयबद्ध और पारदर्शी मजदूरी भुगतान पर विशेष बल देता है।
मजदूरी का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक अथवा डाकघर खातों में किया जाता रहेगा। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर अथवा मस्टर रोल बंद होने के पंद्रह दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि ऐसा नहीं होता है, तो श्रमिक विलंब क्षतिपूर्ति (मुआवजा) पाने के पात्र होंगे। सरकार ने विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु व्यापक वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित किए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने 95,692.31 करोड़ का बजटीय आवंटन किया है, जो ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए बजट अनुमान चरण में अब तक का सर्वाधिक आवंटन है। राज्यों के संभावित राज्यांश सहित इस कार्यक्रम का कुल परिव्यय 1.51 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। यह आवंटन ग्रामीण अवसंरचना विकास, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन तथा ग्रामीण आय में वृद्धि को नई गति प्रदान करेगा।
सरकार के अनुसार विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 से ग्रामीण रोजगार सृजन, ग्रामीण विकास और गांवों में आत्मनिर्भरता को नई गति मिलने की अपेक्षा है। ग्राम पंचायतों को ग्रामीण परिवर्तन के केंद्रीय स्तंभ के रूप में स्थापित करते हुए यह अधिनियम सशक्त, समृद्ध और विकसित ग्रामीण भारत के निर्माण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।

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