जम्मू-कश्मीर को बड़ी सौगात : शिवराज सिंह चौहान ने 3566 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं को दी मंजूरी, बोले-विकास के लिए "दिल के द्वार भी खुले हैं और दिल्ली के द्वार भी

विकास की नई उड़ान: जम्मू-कश्मीर को ₹8000 करोड़ की सौगात

जम्मू-कश्मीर को बड़ी सौगात : शिवराज सिंह चौहान ने 3566 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं को दी मंजूरी, बोले-विकास के लिए

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जम्मू-कश्मीर के लिए ₹3566 करोड़ की सड़क परियोजनाओं का पत्र सीएम उमर अब्दुल्ला को सौंपा। साथ ही महिलाओं के लिए ₹4568 करोड़ की वित्तीय सहायता जारी की। केंद्र ने 'लखपति दीदी' और एकीकृत कृषि मॉडल के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और दूरदराज के क्षेत्रों को जोड़ने का संकल्प दोहराया।

श्रीनगर। केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को यहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 3566 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को सौंपा। केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर 'दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन' के तहत 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए 4568.23 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि भी जारी की। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार केवल सड़कें बनाने के लिए नहीं, बल्कि दिल से दिल जोड़ने के संकल्प के साथ आई है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए "दिल के द्वार भी खुले हैं और दिल्ली के द्वार भी।" उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के दोनों चरणों में जम्मू-कश्मीर को प्राथमिकता दी गई है। यह इस बात का सुबूत है कि केंद्र सरकार इस इलाके के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि एक ही साल में राज्य के लिए लगभग 8,000 करोड़ रुपये की सड़कों की स्वीकृति एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसकी मदद से हर गांव और दूरदराज की आबादी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।

शिवराज सिंह चौहान ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि अब लक्ष्य केवल 'लखपति दीदी' बनाना नहीं, बल्कि उन्हें सशक्त उद्यमी बनाना है। कृषि के मुद्दे पर उन्होंने घोषणा की कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिकों की एक टीम जल्द ही जम्मू-कश्मीर आयेगी, जो यहां की जलवायु और मिट्टी का अध्ययन कर खेती को लाभकारी बनाने का विस्तृत रोडमैप तैयार करेगी। उन्होंने छोटे किसानों के लिए 'इंटीग्रेटेड फार्मिंग' (एकीकृत कृषि) को आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी मॉडल बताया।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें जम्मू-कश्मीर का "सच्चा मित्र और हमदर्द" बताया। उन्होंने कहा, "एक ही फेज में 8,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की मंजूरी कोई मामूली बात नहीं है। राज्य सरकार इन कार्यों को तेजी से जमीन पर उतारेगी।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस राज्य में सड़क संपर्क जीवन बदलने वाला माध्यम है, जिससे स्कूल, अस्पताल और बाजारों तक लोगों की पहुंच आसान होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र के इस सहयोग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बागवानी क्षेत्र में वास्तविक बदलाव आएगा।

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