अभिषेक बनर्जी का केंद्र पर तीखा प्रहार: राज्य में हिंसा को राजनीतिक उपकरण के रूप में किया जा रहा इस्तेमाल, खेजुरी आगजनी में शामिल होने का लगाया आरोप
अभिषेक बनर्जी ने राज्य में कानून-व्यवस्था की विफलता को डबल इंजन आपदा करार दिया
तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी ने खेजुरी में हुई आगजनी के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में विभाजनकारी राजनीति और हिंसा को राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है। बनर्जी ने केंद्रीय बलों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इसे कानून-व्यवस्था की विफलता और "डबल इंजन आपदा" करार दिया।
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार के कार्यकर्ताओं पर पश्चिम बंगाल के खेजुरी इलाके में कथित आगजनी की घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोमवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि राज्य में हिंसा को एक राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। अपने व्हाट्सएप चैनल पर एक पोस्ट में अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि खेजुरी में जोंका ग्राम पंचायत में कई दुकानों में आग लगा दी गई जिससे स्थानीय लोगों की आजीविका को व्यापक नुकसान हुआ है। तृणमूल कांग्रेस नेता ने कहा कि बंगाल पहले से ही डबल इंजन आपदा देख रहा है। उन्होंने दावा किया कि "भाजपा के उपद्रवियों ने पुलिस के सामने ही रविवार रात लगभग 10 दुकानों को कथित रूप से आग लगा दी।" उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों की आजीविका नष्ट हो गयी है और नफरत एवं धमकी का उपयोग अब राजनीतिक उपकरण के रूप में किया जा रहा है।
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि विभाजनकारी राजनीति एवं हिंसा को खुलेआम बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, ''यह केंद्र सरकार द्वारा प्रचारित राजनीति का असली चेहरा है जिसमें विभाजन, भय एवं लक्षित हिंसा को पूरी छूट दी गई है।'' केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए तृणमूल सांसद ने पूछा, "केंद्रीय बल अब कहां हैं? क्या उन्हें केवल तभी तैनात किया जाता है जब यह भाजपा के राजनीतिक एजेंडे के अनुकूल हो? क्या केंद्र सरकार चुपचाप देख रही हैं जबकि बंगाल जल रहा है?"
उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना कानून-व्यवस्था की विफलता को दर्शाती है और अगर इसे नहीं रोका गया तो स्थिति और बिगड़ सकती है। अभिषेक बनर्जी ने कहा, "अगर दुकानों को जलाया जा सकता है और दिनदहाड़े समुदायों को आतंकित किया जा सकता है तो कानून-व्यवस्था में क्या बचा है? जो संदेश भेजा जा रहा है वह जोरदार एवं खतरनाक है कि भाजपा की छाया में, हिंसा संरक्षित होती दिखाई दे रही है।" उन्होंने इस टिप्पणी के साथ अपनी पोस्ट को समाप्त किया, " वे कहते हैं कि सुबह बताती है कि दिन कैसा होगा।" पश्चिम बंगाल में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के बाद तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ गया है खासकर पूर्वी मिदनापुर जिले जैसे क्षेत्रों में जहां खेजुरी स्थित है।

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