जयपुर के सर्राफा बाजार में पहले दिन खरीदारी सुस्त, ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट
पीएम की अपील से जयपुर का सर्राफा बाजार सुस्त
प्रधानमंत्री की सोना न खरीदने की अपील के बाद जयपुर के बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। सर्राफा व्यापारियों का मानना है कि इससे विदेशी मुद्रा भंडार तो मजबूत होगा, लेकिन कारीगरों के रोजगार पर संकट आ सकता है। आयात पहले से ही लगभग बंद होने से ज्वैलरी कारोबार में गिरावट की चिंता बढ़ गई है।
जयपुर। जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की अपील का असर सर्राफा बाजार में दिखाई देने लगा है। हालांकि पहले दिन कारोबार में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला, लेकिन बाजार में खरीदारी का माहौल कमजोर रहा और ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। जयपुर के किशनपोल बाजार, एमआई रोड और वैशाली नगर स्थित प्रमुख ज्वैलरी शोरूमों पर फिलहाल ग्राहकों की आवाजाही सामान्य से कम रही। सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी जयपुर के अध्यक्ष कैलाश मित्तल ने प्रधानमंत्री की अपील का स्वागत करते हुए कहा कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए अन्य प्रभावी उपाय भी आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय का सबसे अधिक असर कारीगरों और बड़े मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर पड़ेगा, जिससे रोजगार प्रभावित हो सकता है। फिलहाल बाजार पहले से ही ठंडा चल रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार पिछले एक माह से सोने का आयात अघोषित रूप से लगभग बंद जैसी स्थिति में है। भारत में सामान्य तौर पर हर महीने करीब 60 टन सोने का आयात होता है, ऐसे में मांग घटने का असर पूरे व्यापारिक तंत्र पर पड़ सकता है। ज्वैलरी एक्सपोर्टर नीरज लुणावत ने कहा कि प्रधानमंत्री की इस अपील का आने वाले समय में ज्वैलर्स पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि ज्वैलरी कारोबार पहले से ही कमजोर ग्राहक मांग और धीमी बिक्री की चुनौती से जूझ रहा है। ऐसे में इस अपील से बाजार पर और दबाव बढ़ सकता है।

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