सालाना 10 करोड़ का कारोबार 5 करोड़ पर सिमटा

डिजिटलाइजेशन इफेक्ट कोरोना काल के बाद 50 प्रतिशत तक कम हुआ कार्ड छपाई का काम

सालाना 10 करोड़ का कारोबार 5 करोड़ पर सिमटा

मोबाइल का चलन शुरू होने के साथ ही इस प्रकार के कार्ड छपना भी बंद हो गए।

कोटा। कोरोना काल के दौरान तेजी से बढ़े डिजिटलाइजेशन के दौर ने आयोजनों के लिए कार्ड छपवाने और बांटने की परंपरा को सीमित कर दिया है। इसका सबसे अधिक असर कार्ड इंडस्ट्री पर पड़ा है। कोटा जिले की बात करें तो यहां कोरोना से पूर्व सालाना करीब 10 करोड़ रुपए का कारोबार होता था, जो धीरे-धीरे घटता जा रहा है और अब मात्र 5 करोड़ रुपए रह गया है। कोरोना काल में डिजिटल माध्यम से कार्ड भेजकर निमंत्रण पत्र देने की परंपरा शुरू हुई थी। इस परंपरा को उच्च वर्ग ने पूरी तरह से अपना लिया है। वहीं अब मध्यम वर्गीय लोग भी इसे अपना रहे हैं। ऐसे में धीरे-धीरे घर-घर जाकर निमंत्रण पत्र देने की परंपरा सिमटती जा रही है।

ठप हुआ ग्रीटिंग कार्ड व्यवसाय
आजादी से पूर्व पोस्टकार्ड पर बधाई संदेश छापे जाते थे। इसके बाद ग्रीटिंग छपना शुरू हुए। जो करीब डेढ़ दशक पूर्व तक होली, दीवाली, संवत्सरी आदि मौकों के लिए छपते थे। मोबाइल का चलन शुरू होने के साथ ही इस प्रकार के कार्ड छपना भी बंद हो गए। वर्तमान में छोटे-मोटे समारोह जैसे मुंडन, जन्मदिन, नांगल, सेवानिवृत्ति आदि के लिए तो कार्ड छपना बंद ही हो गए हैं। वहीं बड़े समारोह के लिए केवल मध्यम वर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों में ही कार्ड छपवाए जा रहे हैं।

अब हायर हो रही कंपनियां
उच्च वर्ग में इन दिनों निमंत्रण देने के लिए मैरिज आॅर्गेनाइजिंग कंपनियों को हायर किया जा रहा है। ये लोग परिचितों के नंबर लेकर उन्हें कार्ड भेजते हैं। इसके बाद ही समारोह होने तक बार-बार उन्हें फोन करके निमंत्रित करते हैं। इस तरह का चलन अब बढ़ता ही जा रहा है।

इन माध्यमों से दिए जा रहे निमंत्रण
इन दिनों सोशल मीडिया के मैसेजिंग एप के जरिए कार्ड का फोटो भेजकर, वीडियो डालकर और वाइस मैसेज डालकर निमंत्रण दिए जाते हैं। करीबी रिश्तेदारों के घर जाकर उन्हें मौखिक निमंत्रण दिया जा रहा है। अन्य परिचितों और रिश्तेदारों को फोन करके निमंत्रण दिया जा रहा है।

Read More बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही की तो बर्दाश्त नहीं, अग्रवाल ने वीसी से की योजनाओं की समीक्षा 

कार्ड घर-घर पहुंचाना खर्चीला
आज के दौर में कार्ड घर घर पहुंचाना बहुत खर्चीला और समय ज्यादा खर्च करने वाला काम हैं। लोगों के पास समय नहीं है। ऐसे में वह अब ई अथवा डिजिटल कार्ड का इस्तेमाल करने लगे हैं। हालांकि प्रिंटेड कार्ड का अब भी अपना अलग महत्व है। कार्ड मिलने पर लोगों को अब भी अलग ही फील होता है। 

Read More पुलिस की कार्रवाई : मोबाइल स्नेचिंग वारदात का पर्दाफाश, 2 शातिर आरोपी गिरफ्तार; बातों में उलझाकर छीनते थे मोबाइल

सुनीता शर्मा ग्राहक
पिछले दो साल में प्रिटिंग प्रेस व्यवसाय में 50 फीसदी कमी आई है। पहले लोग 300 से कम कार्ड नहीं छपवाते थे, वह अब सिर्फ 100 की तादात में ही सिमट कर रह गया है।
- भगवानदास, प्रिंटिंग प्रेस संचालक   

Read More द ग्रेट इंडियन ट्रेवल बाजार 25 के माध्यम से राजस्थान और जयपुर में आईफा जैसे आयोजनों के लिए बनेंगी संभावनाएं : दीया कुमारी

डिजिटल कार्ड से प्रिंटिंग व्यवसाय चौपट होने के हालात बन गए। महंगाई के मुताबिक कागज व स्याही की दरों में उतार चढ़ाव तो होता है, लेकिन ग्राहकी नहीं है।
- निहाल कुमार, प्रिंटिंग प्रेस संचालक 

Post Comment

Comment List

Latest News

जयपुर पुलिस की कार्रवाई : गैंगवार की आशंका पर 8 बदमाश गिरफ्तार, अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की सख्त कार्रवाई जयपुर पुलिस की कार्रवाई : गैंगवार की आशंका पर 8 बदमाश गिरफ्तार, अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की सख्त कार्रवाई
मालवीय नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अपराध नियंत्रण के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 बदमाशों को गिरफ्तार किया...
लोकसभा में गूंजा सरकारी भर्ती का मामला : प्रतिदिन बढ़ रही शिक्षित बेरोजगारों की संख्या, देलकर ने कहा-  युवाओं भविष्य अंधकार में जा रहा 
सब्जी की खाली कैरेटों से भरे ट्रक में लगी आग, आधे घंटे में पाया काबू
अवैध कब्जे के खिलाफ शहर कांग्रेस ने दिया ज्ञापन, राजीव आवास योजना के अंतर्गत बने फ्लैट्स में बाहरी लोगों ने किया कब्जा
 हनी ट्रेप में फंसाने की धमकीं : कारोबारी से की 50 लाख की मांग, युवती ने आर्थिक संपन्नता को देखते हुए बनाया फंसाने का प्लान 
शेखावाटी क्षेत्र की हवेलियों के संरक्षण को लेकर बैठक आयोजित, दिया कुमारी ने कहा- शेखावाटी की हवेलियों के संरक्षण के हो काम  
हवामहल और आमेर किले में लगेगी बाल चित्रकारों की अनूठी प्रदर्शनी, बच्चे आमजनता को देंगे स्वच्छता का संदेश