अधूरी तैयारियों के साथ दौड़ रही बसें, सीसीटीवी-जीपीएस नहीं, सप्ताह में औसतन 10 चोरियां 

नगर निगम की तरफ से इसी साल आठ नए मार्गों पर सिटी बसें संचालित की गई थी

अधूरी तैयारियों के साथ दौड़ रही बसें, सीसीटीवी-जीपीएस नहीं, सप्ताह में औसतन 10 चोरियां 
हाल-ए-सिटी ट्रांसपोर्ट यूसीटीएसएल और निगम की बसों में ही तनातनी, स्टैंड पर बिजली कनेक्शन हो तो लगे एलसीडी, रियल टाइम से यात्री वंचितब्यूरो नवज्योति

उदयपुर। शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को लेकर अजीबो गरीब स्थितियां बनी हुई है। एक तरफ लोगों में सिटी बसों में सफर की आदत हो चुकी है तो दूसरी तरफसिटी बसें आधी अधूरी तैयारियों के साथ ही सड़कों पर दौड़ रही हैं। अब तक सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से यह बसें जेबकतरों की पहली पसंद बने हुए हैं। परिणाम यह है कि औसतन एक सप्ताह में 10-12 मामले सामने आ रहे हैं जिसमें इन सिटी बसों में सवार यात्रियों को नकदी, आभूषण आदि गवाने पड़ जाते हैं। इतना ही नहीं कुछ मामलों में तो पकड़ कर ली जाती है, लेकिन अधिकांश मामलों में यह जेबकतरे और चोर भाग निकलते हैं। दूसरी तरफ इन बसों में जीपीएस भी इंस्टाल नहीं होने का परिणाम यह है, कि इन बसों की रियल टाइम मॉनिटरिंग भी नहीं हो पा रही है। इतना नहीं इन सिटी बसों के लिए शहर भर में जो तमाम स्टैंड बनाए गए हैं, उसमें कहीं भी बिजली कनेक्शन नहीं है। ऐसे में यहां एलसीडी भी नहीं लगाई जा सकी है। इन सभी स्थितियों के चलते यूसीटीएसएल की यह पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाएं किसी ग्रामीण बस सेवा के समतुल्य हो गई हैं। बता दें, जब यह सिटी बस सेवाएं शुरू की गई थी तब बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन उन दावों में से एक भी पूरा नहीं हो पाया है। सिटी बसों को संचालित करने वाली फर्म भी सिर्फ इससे राजस्व कमाने के अतिरिक्त यात्री सुविधाओं की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। 

-पैनिक बटन को लेकर कोई निर्देश नहीं
बता दें, प्रदेश सरकार ने रोडवेज की बसों में पैनिक बटन लगाने की शुरुआत तो कर दी है, लेकिन अब तक इन सिटी बसों में पैनिक बटन को लेकर कोई दिशा निर्देश नहीं है। हालांकि, वर्तमान में संचालित हो रही सिटी बसों में अलार्म लगा हुआ है, लेकिन वह अलार्म ड्राइबर केबिन के पास लगा हुआ है। बस में पीछे बैठने वाले यात्री के लिए अलार्म की भी सुविधा नहीं है। सिटी बस संचालित करने वाली फर्म का कहना है कि पैनिक बटन को लेकर अब तक कोई निर्देश नहीं है, यदि सिटी बसों में पैनिक बटन को लेकर निर्देश आते हैं तो तुरंत लगा लिया जाएगा। 

उधर, नए आठ मार्गों पर नया पंगा
नगर निगम की तरफ से इसी साल आठ नए मार्गों पर सिटी बसें संचालित की गई थी। यूसीटीएसएल की तरफ से सिटी बसों को संचालित करने वाली फर्म का आरोप है कि जिन आठ बसों का संचालन किया जा रहा है, उन गाड़ियों का परमिट सिर्फ उपनगरीय क्षेत्र के मुख्य मार्ग तक ही है, लेकिन यह बसें उपगरीय क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों तक पहुंच रही है। जिसके चलते यूसीटीएसएल की बसों को काफी परेशानी होती है। यात्री भी यूसीटीएसएल की बसों में बैठना पसंद करते हैं, लेकिन यह बसें अपने निर्धारित मार्ग पर नहीं जाकर मनमर्जी से संचालित की जा रही है। 

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