ईरान में हमलों के लिए अमेरिका को सैन्य अड्डों के उपयोग की अनुमति नहीं देगा ब्रिटेन : केवल रक्षात्मक हमलों के लिए होगा तैयार, ट्रम्प ने दी थी संयंत्रो को उड़ाने की धमकी
जल विलवणीकरण संयंत्रों को उड़ा देगा और पूरी तरह नष्ट कर देगा
ब्रिटेन ने स्पष्ट किया है कि वह ईरान पर अमेरिकी हमलों के लिए अपने सैन्य अड्डों का उपयोग नहीं करने देगा, खासकर नागरिक ढांचे को निशाना बनाने में। ट्रम्प की कड़ी चेतावनियों के बीच तनाव बढ़ा है। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है और मध्य पूर्व में संघर्ष का खतरा गहराता जा रहा है।
लंदन। ब्रिटेन ईरान में पुलों और बिजली संयंत्रों पर हमलों के लिए अमेरिका को अपने सैन्य अड्डों तक पहुंच देने से इनकार करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 30 मार्च को कहा था कि अगर शांति समझौता नहीं हुआ और होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के सभी बिजली संयंत्रों, तेल के कुओं, खार्ग द्वीप और जल विलवणीकरण संयंत्रों को उड़ा देगा और पूरी तरह नष्ट कर देगा। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर तेहरान जलडमरूमध्य को जहाजों की आवाजाही के लिए नहीं खोलता है, तो 7 अप्रैल को बिजली संयंत्र दिवस और पुल दिवस मनाया जाएगा।
रिपोर्ट में कहा गया कि लंदन केवल रक्षात्मक हमलों के लिए अपने हवाई अड्डे उपलब्ध कराने को तैयार है और ईरान के प्रमुख नागरिक संरचना पर हमले की ट्रंप की धमकियां इसके अंतर्गत नहीं आतीं। अमेरिकी बमवर्षकों को ब्रिटिश हवाई अड्डों तक पहुंच प्रदान करने संबंधी निर्णय प्रत्येक मामले के आधार पर लिए जाते हैं। ब्रिटेन का फेयरफोर्ड यूरोप का एकमात्र ऐसा वायु सेना अड्डा है, जहां अमेरिकी रणनीतिक बमवर्षक विमान उतरते हैं। इस अड्डे का इस्तेमाल इराक और यूगोस्लाविया पर बमबारी करने के लिए भी किया गया था।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने तेहरान सहित ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए, जिससे बहुत नुकसान हुआ और नागरिक हताहत हुए। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब सहित मध्य पूर्व में इजरायली क्षेत्र और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। ईरान को लेकर बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य की वास्तविक रूप से नाकाबंदी की गई है, जो फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजार में तेल एवं तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है, जिससे ऊर्जा की कीमतें प्रभावित हो रही हैं।

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