जेपी मॉर्गन की चेतावनी : जून के मध्य तक घट सकता दुनिया में तेल भंडार, कच्चे तेल की बढ़ेंगी कीमतें
सुरक्षा जोखिमों के कारण तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित
जेपी मॉर्गन ने चेताया है कि मध्य पूर्व तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाएं जारी रहीं तो जून मध्य तक वैश्विक तेल भंडार तेजी से घट सकते हैं। ब्रेंट क्रूड 130–150 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने का खतरा है। भारत समेत एशियाई देशों में पेट्रोल-डीजल महंगा और महंगाई बढ़ सकती है।
वॉशिंगटन। वैश्विक निवेश बैंक जेपी मॉर्गन ने चेतावनी दी है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जारी बाधाएं नहीं थमीं, तो दुनिया के तेल भंडार जून के मध्य तक तेजी से कम हो सकते हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आने की आशंका जताई जा रही है। दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे अहम तेल परिवहन मार्ग माना जाता है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत व्यापार गुजरता है। हाल के दिनों में क्षेत्रीय तनाव, ईरान से जुड़े विवाद, शिपिंग देरी और सुरक्षा जोखिमों के कारण तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
हालांकि अभी कुछ मात्रा में तेल आपूर्ति जारी है, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा प्रवाह लंबे समय तक वैश्विक मांग को संतुलित रखने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। विशेष रूप से भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश अधिक प्रभावित हो सकते हैं, क्योंकि वे मध्य पूर्वी तेल पर काफी निर्भर हैं। जेपी मॉर्गन के अनुसार, अब तक रणनीतिक भंडार और वैकल्पिक आपूर्ति ने स्थिति संभाले रखी, लेकिन ये राहत धीरे-धीरे खत्म हो रही है। यदि संकट लंबा चला, तो ब्रेंट क्रूड 130 से 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है, जिससे भारत में ईंधन कीमतें और महंगाई बढ़ने की आशंका है।

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