नरेगा : दो महीनों से 15 लाख श्रमिकों को 950 करोड़ रु. मजदूरी नहीं मिली, कई जिलों में श्रमिकों ने किया काम बंद, सरपंचों ने डिमांड रोकी

नरेगा : दो महीनों से 15 लाख श्रमिकों को 950 करोड़ रु. मजदूरी नहीं मिली, कई जिलों में श्रमिकों ने किया काम बंद, सरपंचों ने डिमांड रोकी

राज्य नरेगा विभाग का तर्क : केन्द्र के एससी-एसटी कम्पोनेंट के कारण भुगतान अटके, पत्र लिख चुके

जयपुर। प्रदेश में नरेगा योजना में श्रमिकों को दो महीने से ज्यादा समय से मजदूरी नहीं मिल पा रही है। औसतन 15 लाख श्रमिक रोजाना काम कर रहे हैं और श्रमिकों को मजदूरी के बदले इन्हें करीब 950 करोड़ रुपए नहीं मिला है। मजदूरी अटकने से कई जिलों में श्रमिकों ने काम पर जाना बंद किया तो स्थानीय सरपंचों ने भी डिमांड भेजना बंद कर दी है। राज्य नरेगा विभाग ने इस बारे में केन्द्र सरकार की लापरवाही मानी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नरेगा श्रमिकों को केन्द्र सरकार ही खाते में भुगतान करता है। राज्य तो केवल एफटीओ जारी करता है, जिससे बैंक श्रमिकों के खाते में भुगतान देती हैं। केन्द्र यदि पैसा जारी करेगा तो श्रमिकों को भुगतान मिल जाएगा। विभागीय आंकड़ों को देखें तो प्रदेशभर में नौ अगस्त से श्रमिकों का मजदूरी भुगतान बकाया चल रहा है। विभाग की हाल ही की गणना में करीब 926 करोड़ रुपए बकाया माने गए, जबकि गणना के कुछ दिन निकलने के बाद अब यह आंकडा करीब 950 करोड़ तक पहुंच गया है। राजस्थान में 14 लाख 52 हजार श्रमिक रोजाना काम करते हैं, इस लिहाज से दो महीने में करीब नौ करोड श्रमिक व्यक्ति दिवस काम हुआ। प्रदेश में अकुशल नरेगा श्रमिकों को 221 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी मिलती है।

अगस्त के बाद भुगतान आना बंद
राज्य अधिकारियों का तर्क है कि केन्द्र सरकार ने एक अप्रेल से भुगतान के लिए एससी एसटी कम्पोनेट लागू किया। जिसमें भुगतान के लिए एससी, एसटी और अन्य श्रेणी बनाकर भुगतान किया जाता है। अगस्त के शुरूआत तक तो भुगतान सही रहा, लेकिन अगस्त में ही भुगतान आना बंद हो गया। एससी एसटी कम्पोनेंट को लेकर विभाग ने सितम्बर अंत में केन्द्र की आपत्तियों के संबंध में अपना जबाव भेजकर राशि भेजने का आग्रह भी कर दिया है।

श्रमिकों का मोह भंग
करीब दो महीनें से मजदूरी नहीं मिलने से कई जिलों में श्रमिकों का भी मोह भंग होने लगा है। श्रमिकों ने कार्यस्थलों पर जाने से इन्कार कर दिया। श्रमिकों के मुंह मोड़ने के बाद ग्राम पंचायतों में सरपंचों ने भी डिमांड भेजना कम कर दिया। इससे कार्य प्रभावित हो रहे हैं, श्रमिकों को भी करोडों रुपए का भुगतान नहीं मिलने से आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

ले  बर पेमेंट को लेकर समस्या आ रही है। हम जल्दी ही सरकार को ज्ञापन देंगे। यदि नरेगा श्रमिकों को भुगतान नहीं किया गया तो हम आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे।
-रफीक पठान, प्रवक्ता, राजस्थान सरपंच संघ


नरेगा श्रमिकों के भुगतान की समस्या कुछ दिनों से सामने आ रही है। केन्द्र की तरफ से राशि रुकने का मामला हुआ है। हमने केन्द्र के बताए कारणों के जबाव भेज दिए हैं। उम्मीद है कि नरेगा श्रमिकों के हित में केन्द्र जल्दी ही पैसा रिलीज करेगा।
-के.के.पाठक, शासन सचिव, ग्रामीण विकास
 

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