राज्य सरकार ने कानूनी लड़ाई लड़कर भी जारी रखा पदोन्नति में आरक्षण : अशोक गहलोत

राजस्थान शिक्षक संघ, अम्बेडकर का राज्य स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन

राज्य सरकार ने कानूनी लड़ाई लड़कर भी जारी रखा पदोन्नति में आरक्षण :  अशोक गहलोत

वे यहां राजस्थान विश्वविद्यालय में राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर) के राज्य स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अंधकारमय रहता है। समाज के उत्थान में शिक्षकों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है।

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान को देश में पदोन्नति में आरक्षण देने वाला एकमात्र राज्य बताते हुए कहा है कि विभिन्न कठिनाइयों का सामना करते और लम्बी कानूनी लड़ाई लड़कर राज्य सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण जारी रखा है ताकि वंचित तबके के कार्मिकों को पदोन्नत होने के अवसर मिले और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। वे यहां राजस्थान विश्वविद्यालय में राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर) के राज्य स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अंधकारमय रहता है। समाज के उत्थान में शिक्षकों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है। डॉ. अम्बेडकर ने भी समाज को संगठित रहो, शिक्षित बनो, संघर्ष करो का नारा दिया था। 

गांधी-अम्बेडकर का जीवन संघर्ष प्रेरणादायी
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी और डॉ. अम्बेडकर के जीवन संघर्षों से समाज को प्रेरणा मिलती है। दक्षिण अफ्रीका में नस्लभेद झेलने के बाद गांधीजी ने सत्य और अंहिसा के बल पर देश को आजादी दिलाई।आज देश के लिए डॉ. अम्बेडकर के योगदानों को सभी राजनीतिक दलों के द्वारा स्वीकार किया गया है।

एफआईआर अनिवार्य होने से आमजन को सुगमता

गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार एक पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में उठाए गए कदमों से प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहतर हुई है। प्रदेश में अनिवार्य एफआईआर का प्रावधान किया गया है ताकि आमजन सुगमता से कानूनी सेवाएं ले सकें। इससे प्रदेशवासियों का कानून व्यवस्था में विश्वास दृढ़ हुआ है एवं आपराधिक तत्वों में कानून का भय व्याप्त हुआ है।

भारत के संविधान की विश्व में अलग पहचान

सीएम ने कहा कि दुनियाभर के देशों में भारत के संविधान की एक अलग पहचान है। डॉ. अम्बेडकर ने संविधान में सभी देशवासियों के लिए समानता का अधिकार निहित किया। महिलाओं को संविधान लागू होने के साथ ही मतदान का अधिकार मिला, जबकि अन्य लोकतंत्रों में इसमें काफी समय लगा। संविधान से ऐतिहासिक रूप से पिछड़े वर्गों को आरक्षण का अधिकार मिला। छूआछूत जो मानवता के नाम पर एक कलंक है, जैसी बुराई को संविधान में अपराध घोषित किया गया। 

1.35 लाख युवाओं को दी सरकारी नौकरी 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से आज प्रदेश सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। चिरंजीवी योजना से आमजन को महंगे इलाज की चिंता से मुक्ति मिली है। इसके अंतर्गत 10 लाख तक का इलाज नि:शुल्क कर दिया गया है। इन योजनाओं से स्वास्थ्य के क्षेत्र में राजस्थान एक मॉडल स्टेट बनकर उभरा है। राज्य सरकार द्वारा 1.35 लाख सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। लगभग इतनी ही प्रक्रियाधीन हैं तथा 1 लाख सरकारी पदों पर भर्ती की घोषणा की जा चुकी है। निजी क्षेत्र में भी रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। आपदा प्रबंधन मंत्री गोविन्दराम मेघवाल ने कहा कि देश के बच्चों के शिक्षित होने पर ही देश की प्रगति संभव है। शिक्षकों का दायित्व है कि बच्चों को शिक्षित बनाएं एवं उन्हें अच्छे संस्कार दें। इस मौके पर सार्वजनिक निर्माण मंत्री भजनलाल जाटव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली, विधायक रूपाराम मेघवाल, अंबेडकर के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

 

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