अभी पीने के लिए हर दिन 130 करोड़ लीटर पानी मौजूद, जेजेएम के पूरा होने के बाद 350 करोड़ लीटर पानी की हर रोज रहेगी डिमांड

चार साल से गांवों में पेयजल सिस्टम मजबूत करने पर नहीं हो रहा पूरा पैसा खर्च

अभी पीने के लिए हर दिन 130 करोड़ लीटर पानी मौजूद, जेजेएम के पूरा होने के बाद 350 करोड़ लीटर पानी की हर रोज रहेगी डिमांड

राज्य में एक अप्रैल 2022 की स्थिति के अनुसार कुल 1,21,979 बस्तियों व ढाणियों में से 53,172 को पूर्ण रूप से 58,379 को आंशिक रूप से पेयजल उपलब्ध कराया गया है शेष 10,428 बस्तियों व ढाणियां स्वच्छ पेयजल गुणवत्ता से प्रभावित है।

ब्यूरो/नवज्योति, जयपुर। भू-जल में भारी गिरावट के साथ ही अब राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पीने के पानी का संकट हर साल बढ़ता जा रहा है। पेयजल योजनाओं के लिए उपलब्ध बजट पूरा खर्च नहीं होने के कारण स्थायी योजनाएं विकसित नहीं हो पा रही है। 

इसी का नतीजा है कि हर साल गर्मियों के शुरू होते ही 11 हजार से अधिक गांव टैंकरों पर निर्भर हो जाते हंै। राज्य में 60 प्रतिशत पेयजल जरुरतें भूजल से पूरी होती है। भूजल पुनर्भरण के मुकाबले दोहन 151 प्रतिशत है। जेजेएम में एक करोड़ पांच लाख घरों को पानी का कनेक्शन होने के बाद भी पानी की समस्या समाप्त नहीं, बल्कि और ज्यादा होने वाली है। मिशन पूरा होने के बाद प्रतिदिन पेयजल की आवश्यकता 350 करोड़ लीटर हो जाएगी। अभी जल की उपलब्धता 130 करोड़ लीटर है। ऐसे में तीन गुणा पानी अधिक उपलब्ध कराना एक चुनौती होगी।



पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, विभाग के पर्याप्त संसाधनों के जरिए हर गांव-ढ़ाणी तक पीने का पानी उपलब्ध कराया जाएगा। 
-डॉ. महेश जोशी, जलदाय मंत्री

इस साल की क्या तैयारी
जलदाय विभाग के अनुसार पिछले साल 76 शहरों एवं 11290 गांव-ढाणियों में जल परिवहन किया गया था। इस साल अभी 27 शहरों एवं 682 गांवों में पेयजल परिवहन किया जा रहा है, जिसे आवश्यकतानुसार बढ़ाया जाएगा। अप्रैल से अगस्त माह तक के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 22689 गांव-ढाणियों में टैंकरों से जल परिवहन के लिए 106.50 करोड़ तथा शहरी क्षेत्रों में 172 शहरों व कस्बों के लिए 39.76 करोड़ का प्रावधान किया गया है। हर जिले के लिए 50-50 लाख इमरजेंसी में पेयजल व्यवस्था के लिए स्वीकृत किए गए हैं। गर्मियों में पेयजल समस्या के समाधान के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।

ग्रामीण पेयजल आपूर्ति
राज्य में एक अप्रैल 2022 की स्थिति के अनुसार कुल 1,21,979 बस्तियों व ढाणियों में से 53,172 को पूर्ण रूप से 58,379 को आंशिक रूप से पेयजल उपलब्ध कराया गया है शेष 10,428 बस्तियों व ढाणियां स्वच्छ पेयजल गुणवत्ता से प्रभावित है। 15 अगस्त 2019 से जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पीने योग्य पानी उपलब्ध कराया जाना है।

Post Comment

Comment List

Latest News

छत्तीसगढ़ कोल ब्लॉक पर दोनों सीएम के बयानों से विरोधाभास: गहलोत छत्तीसगढ़ कोल ब्लॉक पर दोनों सीएम के बयानों से विरोधाभास: गहलोत
इस मुद्दे पर गुमराह कर रहे हैं या दोनों मुख्यमंत्री मिलकर अपने-अपने राजनीतिक हितों के अनुरूप जनता को गुमराह कर...
RPF ने पिछले 7 वर्षों में 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत 84,119 बच्चों को बचाया
सुस्त निवेश से 10 वर्ष में घाटी आर्थिक विकास की रफ्तार : कांग्रेस
आतंकी हमलों की रोकथाम के लिए केंद्र करे गम्भीरता से प्रयास: गहलोत
बड़ी बड़ी बातें नहीं कर केन्द्र आतंकियों के खिलाफ करें सख्त कार्यवाही: डोटासरा
जयपुर संभाग में हुआ 9 लाख 92 हजार से ज्यादा वृक्षारोपण
औषधि के उच्च मानक तय करना जरूरी, विश्व स्तरीय विनियामक ढांचे की आवश्यकता है: नड्डा