हमारी सरकार की योजनाएं स्थाई, चुनावी नहीं : गहलोत

मौलासर में किसान सम्मेलन को सम्बोधन, नागौर में विकास कार्यों का लोकार्पण

हमारी सरकार की योजनाएं स्थाई, चुनावी नहीं : गहलोत

उन्होंने महंगाई राहत कैंप का निरीक्षण कर ग्रामीणों को गारंटी कार्ड वितरित किए। इस दौरान उन्होंने छोटीखाटू में महाविद्यालय खोलने की घोषणा भी की।

मौलासर। नागौर के डीडवाना-कुचामन सहित 19 नए जिले बनाने की घोषणा से प्रदेश में खुशी की लहर है। इससे प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण होगा और विकास का हमारा सपना पूरा होगा। प्रशासनिक इकाइयां बढ़ने से जटिलताएं कम होगी। समयबद्ध कार्य पूरे होने से जिले का बेहतर विकास प्रबंधन हो सकेगा। 2030 तक राजस्थान को देश का अग्रणी राज्य बनाना हमारा लक्ष्य है। यह बात मुख्यमंत्री गहलोत ने रविवार को जिले के ग्राम मौलासर में किसान सम्मेलन और विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण व शिलान्यास समारोह में कही। उन्होंने महंगाई राहत कैंप का निरीक्षण कर ग्रामीणों को गारंटी कार्ड वितरित किए। इस दौरान उन्होंने छोटीखाटू में महाविद्यालय खोलने की घोषणा भी की। उन्होंने  कहा कि राज्य सरकार ने गहन अध्ययन के बाद ही जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं। महंगाई राहत कैम्पों में 10 योजनाओं के रजिस्ट्रेशन से मिले मुख्यमंत्री गारंटी कार्ड से आमजन को राहत मिलेगी। सरकार की यह योजनाएं चुनावी नहीं हैं। प्रत्येक योजना स्थायी है। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 2 अक्टूबर, 1959 को नागौर से ही पंचायती राज व्यवस्था का दीपक प्रज्ज्वलित किया था। इसलिए नागौर जिला किसानों का सिरमौर है। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी राज्य सरकार ने सत्ता में आते ही 22 लाख किसानों का कर्जा माफ किया। किसान सभा में गहलोत ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने महिलाओं को चुनावों में आरक्षण दिलाया, जिससे उन्हें प्रतिनिधितत्व मिला। राज्य सरकार भी उसी दिशा में कदम बढ़ा रही है। रक्षाबंधन से 3 साल की इंटरनेट सेवा के साथ महिलाओं को मोबाइल वितरित किए जाएंगे, जिनके जरिए वे योजनाओं का लाभ भी उठा सकेंगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा के तहत अब न्यूनतम पेंशन 1000 रुपए की गई है। केंद्र सरकार को भी पूरे देश में एक समान सामाजिक सुरक्षा कानून लागू करना चाहिए। उन्होंने समारोह में लागत: 153.17 करोड़ रुपए की लागत से 31 विकास कायों का लोकार्पण, शिलान्यास किया। 

ओपीएस क्रांतिकारी फैसला
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानवीय दृष्टिकोण से पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लागू करने का क्रांतिकारी फैसला लिया गया। इससे सरकारी कार्मिकों का भविष्य सुरक्षित होगा। राजस्थान की तरह केंद्र सरकार को पूरे देश में ओपीएस फिर शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती बेरोजगारी के बीच प्रदेश के युवाओं को 1.50 लाख सरकारी नौकरियां दी जा चुकी है, इतनी ही प्रक्रियाधीन है और 1 लाख की बजट घोषणा की गई है। प्रक्रिया शीघ्र शुरू हो जाएगी।

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