असर खबर का - चम्बल सम्पर्क पुल टेंडर पास, आमजन को मिलेगी राहत

2019 में नदी में बाढ़ आने पर टूट गया था पुल

असर खबर का - चम्बल सम्पर्क पुल टेंडर पास, आमजन को मिलेगी राहत

नवज्योति टीम ने भी समय समय पर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।

चौमहला। लंबे इंतजार के बाद चौमहला सीतामऊ मार्ग पर  राजस्थान और  मध्यप्रदेश दो राज्यों को जोड़ने वाली चंबल नदी पर अंतरराज्यीय पुल का टेंडर आखिरकार शुक्रवार हो  गया है। इस नदी पर पुल बनाने की मांग दोनो राज्यों के लोग काफी समय से कर रहे थे। नवज्योति टीम ने भी समय समय पर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। पुल के बनने से लोगों को राहत मिलेगी। चंबल नदी पर बना पुल वर्ष 2019 में नदी में आई बाढ़ से टूट कर बह गया था तब से ही दोनों राज्यों के बीच इस मार्ग पर आवागमन बंद था। वहीं क्षेत्र के लोग इसको दोबारा बनाए जाने की लगातार मांग कर रहे थे। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भी इसको बनाने के वादे नेताओ ने किए थे। परंतु छ बार टेंडर निकाले जानें के बाद भी यह टेंडर कोई लेने को तेयार नही था। जिसके बाद हाल ही में विधानसभा में भी सुसनेर विधायक भेरू सिंह बापू ने इस पुल को पुन: बनाने की मांग सरकार के सामने  रखी थी, मध्यप्रदेश के  उप मुख्य मंत्री जगदीश देवड़ा से व्यक्तिगत मुलाकात कर इस पुल को बनाने की मांग रखी थी। इसके बाद शुक्रवार को इसका टेंडर हो गया है। कल्याण टोल इंफ्रा लिमिटेड ने 20 करोड 83 लाख 23 हजार की राशि में इसको बनाने का टेंडर लिया है। जिसके बाद अब क्षेत्रीय लोगो को उम्मीद है की जल्द ही यह पुल बनकर तैयार हो जाएगा। और पुन:दोनो राज्यो के बीच आवागाम शुरू हो पाएगा। इसके बनने से मंदसौर ओर भोपाल की दूरी भी कम होगी। वही स्थानीय लोग जो जान जोखिम में डालकर नाव का सहारा लेकर नदी पार करते थे उनको भी राहत मिलेगी। यह पुल राजस्थान मध्यप्रदेश के काफी बड़े हिस्से को जोड़ता है मंदसौर जिले को राजस्थान के झालावाड़ जिले से सीधे जोड़ने वाला पुल व्यवसायिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। साथ ही यह मंदसौर से भोपाल कम दूरी का मार्ग है।

लम्बा चक्कर लगाना पड़ रहा
चौमहला क्षेत्र से मंदसौर जाने के लिए लोगो को 50 से 60 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा अभी वाहन चालक सुवासरा या आलोट होकर मंदसौर जा रहे है जिससे उनका काफी समय व ईधन बरबाद हो रहा है। दोनो राज्यो में एक साथ विधान सभा के चुनाव हुए चुनाव में यह मुद्दा दोनो राज्यों के लोगो ने उठाया। चौमहला में 23 नवंबर को आयोजित पूर्व मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे की सभा में मंचासीन तत्कालीन मध्य प्रदेश के केबिनेट मंत्री हरदीप सिंह ने अपने संबोधन में सरकार बनते ही पुल को प्राथमिकता से बनवाने का वादा किया किया। हरदीप सिंह डंक समीप मध्यप्रदेश के सुवासरा से तीसरी बार विधायक चुने गए अब दोनो राज्यों में सरकार एक ही पार्टी की सरकार बनने के बाद क्षेत्र के लोग उत्साहित है तथा उन्हें उम्मीद है अब पुल बन जाएगा। साल 2019 में आई बाढ़ में मध्य प्रदेश और राजस्थान को जोड़ने वाला पुल बह गया था, जिसके बाद से लगातार 5 वर्षो से क्षेत्र के वासिंदो को मंदसौर जाने के लिए सुवासरा होते हुए लंबी दूरी तय करना पड़ रही है।

अनेक बार यह मामला राजनीतिक प्रतिष्ठा का प्रश्न भी बना
जनता परेशान हुई तो मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को फोन पर चर्चा कर इस पुल के निर्माण के लिए आवश्यक प्रयास करने की बात भी हुई,  लेकिन लगातार 6 बार टेंडर निकलने के बाद भी निर्माण के लिए कोई कंपनी इसके निर्माण में रुचि नहीं ले रही थी,अब जाकर टेंडर स्वीकृत हुआ। नदी के दोनो छोर के निवासियों ,व्यापारियों द्वारा लगातार इस पुल को बनाने की मांग की जा रही थी,पुल टूट जाने से दोनो क्षेत्रो का व्यापार व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। भाजपा मंडल , व्यापार संघ, ग्राम पंचायत चौमहला,कुंडला ने कई बार मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री विधायक हरदीप सिंह डंक, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा से मुलाकात कर ज्ञापन दिए थे।

 

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