ड्रोन उड़ाने की सोच रहे हैं तो हो जाएं सावधान

देना पड़ सकता है एक लाख रु तक जुर्माना

ड्रोन उड़ाने की सोच रहे हैं तो हो जाएं सावधान

जानिए कोटा में कौनसे इलाके हैं ड्रोन के प्रतिबंधित क्षेत्र।

कोटा। देश तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है और हर क्षेत्र में नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी नई तकनीक में शामिल है ड्रोन, जो वर्तमान में फसलों में कीटनाशक छिड़कने से लेकर शादियों में वीडियोग्राफी करने तक में काम आ रहे हैं। कोटा शहर में भी फसलों पर कीटनाशक के छिड़काव के साथ लेकिन लोग इसके लिए निर्धारित नियमों की जानकारी के बिना ही ड्रोन को उड़ा रहे हैं। ऐसे में ड्रोन उड़ाने के नियम के अलावा आज कोटा के उन इलाकों पर भी बात करेंगे जहां ड्रोन को उड़ाने प्रतिबंध है।

कोटा के इन क्षेत्रों में ड्रोन पर प्रतिबंध
ड्रोन उड़ाने के लिए कोटा को भी चार जोन में बांटा गया है हालांकि इनमें से एक श्रेणी अस्थाई रेड जोन कोटा को छाड़कर कोटा में रेड, यलो और ग्रीन जोन तीनों मौजूद हैं। कोटा में एयरपोर्ट, आर्मी एरिया, थर्मल प्लांट और रावतभाटा स्थित परमाणु बिजलीघर से 5 किलोमीटर दायरे की परिधी को रेड जोन घोषित किया हुआ है। वहीं इन स्थानों से 5 से 8 किलोमीटर दायरे के भीतर यलो जोन बनाया हुआ है जहां 200 फीट तक ड्रोन उड़ा सकते हैं। इसके अलावा 8 से 12 किलोमीटर परिधी में मौजूद एयरस्पेस में 400 फीट की उंचाई तक ड्रोन उड़ा सकते हैं। इन तीनों जोन के अलावा कोटा के सभी इलाके ग्रीन जोन के भीतर आते हैं।

ड्रोन उड़ाने के लिए ये हैं नियम
- ड्रोन उड़ाने से पहले पायलट को ड्रोन का नागरिक उड्डयन महानिदेशक के पोर्टल पर डिजिटल पंजीकरण कराना आवश्यक है।
- नागरिक उड्डयन महानिदेशक द्वारा पंजीकरण कराने के पश्चात प्रत्येक ड्रोन की एक विशिष्ट पहचान संख्या (यूएनआई) होती है, इस नंबर को संभलकर रखना आवश्यक होता है। 
- ड्रोन उड़ाने के लिए किसी भी संस्थान या व्यक्ति को ड्रोन सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होता है, जिसे क्वालिटी काउंसिल आॅफ इंडिया या केंद्र सरकार की ओर से जारी किया जाता है।
- ड्रोन उड़ाने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशक से पायलट का लाइसेंस लेना आवश्यक होता है जिसे महानिदेशक पोर्टल पर आवेदन कर प्राप्त किया जा सकता है, बिना लाइसेंस के ड्रोन उड़ाने पर 1 लाख तक जुर्माना हो सकता है।
- ड्रोन की उपस्थिति और उसकी उड़ान के बारे में स्थानीय पुलिस को 24 घंटे पहले सूचित करने के बाद नागरिक उड्डयन विभाग और स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेना आवश्यक है।
- यूएनआई नए और पहले से मौजूद सभी यूएवी के लिए अनिवार्य है।
- ड्रोन को बेचने की स्थिति में पंजीकरण रद्द कराना आवश्यक होता है।

ड्रोन के लिए एयर स्पेस में चार जोन
भारतीय नागरिक उड्डयन महानिदेशक की ओर से ड्रोन उड़ाने के लिए एयर स्पेस को चार हिस्सों रेड जोन, अस्थाई (टेम्पररी) रेड जोन, यलो जोन और ग्रीन जोन में बांटा गया है। ड्रोन को उड़ाने के लिए अलग जोन में अलग नियम हैं। 
रेड जोन: इस जोन में ड्रोन उड़ाने पर बिल्कुल प्रतिबंध होता है। यहां आप किसी भी सूरत में ड्रोन नहीं उड़ा सकते हैं। फिर भी आपको इस क्षेत्र में किसी विषम परिस्थिति में ड्रोन उड़ाना है तो उसके लिए आपको केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी जो गृह मंत्रालय के क्लीयरेंस के बाद ही मिल पाएगी। इस जोन के अंदर आप ड्रोन को 60 मीटर की उंचाई तक ही उड़ा सकते हैं इससे ऊपर उड़ाने पर कारवाई हो सकती है। रेड जोन सामान्यत: किसी एयरपोर्ट, सैनिक छावनी, परमाणु बिजलीघर या अत्याधिक संवेदनशील इलाकों के ऊपर मौजूद एयर स्पेस होता है।
टेम्परी या अस्थाई रेड जोन: टेम्परी या अस्थाई रेड जोन भी सामान्य रेड जोन की तरह ही होता है। रेड जोन के तमाम नियम इस जोन में भी लागू होते हैं। इस जोन का निर्माण संवेदशील इलाकों, किसी बड़े आयोजन या सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के टहराव के समय किया जाता है। जिसे बाद में हटा लिया जाता है।
यलो जोन: यलो जोन के भीतर भी दो तरह के जोन होते हैं जिसमें एक जोन के तहत आप ड्रोन को किसी एयरपोर्ट, सैनिक छावनी, परमाणु बिजलीघर या अत्याधिक संवेदनशील इलाकों से 5 किलोमीटर दूर मौजूद एयर स्पेस में 200 फीट की उंचाई तक और दूसरे जोन में आप ड्रोन को इन इलाकों से 8 किलोमीटर दूर के एयर स्पेस में 400 फीट की उंचाई तक उड़ा सकते हैं।
ग्रीन जोन: इस जोन में आप बिना किसी की अनुमति के ड्रोन उड़ा सकते हैं, बशर्ते ड्रोन का कुल वजन 500 किलो से ज्यादा ना हो ऐसा होने पर अपको प्रशासन से अनुमति लेनी होगी जिसके बाद ही आप ड्रोन उड़ा सकते हैं। बिना परमिशन के ड्रोन उड़ाने पर 1 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

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पांच कैटगरी में बांटा गया है ड्रोन को
नैनो ड्रोन: ऐसे ड्रोन जिनका वजन 250 ग्राम के भीतर होता उन्हें नैनो ड्रोन की श्रेणी में रखा गया है। इस तरह के ड्रोन को उड़ाने लिए किसी परमिशन की आवश्यकता नहीं होती है।
माइक्रो ड्रोन: इस कैटगरी के तहत 250 ग्राम से 2 किलो वजन तक के ड्रोन शामिल है। इन्हें उड़ाने के लिए भी किसी प्रकार की परमिशन की आवश्यकता नहीं होती है। शादियों में अधिकांश रूप ये इन्हीं का उपयोग किया जाता है। 
स्मॉल ड्रोन: इस कैटगरी में 2 किलो से 25 किलो तक के ड्रोन शामिल हैं। जिन्हें उड़ाने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी, पुलिस व जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होती है जिसके बाद ही आप ड्रोन उड़ा सकते हैं।
मीडियम ड्रोन: इस श्रेणी में 25 किलो से लेकर 150 किलो तक के ड्रोन को शामिल किया गया है। इन्हें उड़ाने के लिए भी एयरपोर्ट अथॉरिटी, पुलिस व जिला प्रशासन से अनुमति लेनी की आवश्यकता होती है।
हेवी ड्रोन: इस कैटगरी के तहत 150 किलो से अधिक भार वाले ड्रोन को शामिल किया गया है। इन ड्रोन का उपयोग विशेष कार्यों के लिए किया जाता है इन्हें उड़ाने के लिए केंद्र सरकार से परमिशन लेनी होती है।

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