न हाथ काम कर रहा न आंख, फिर कैसे मिलेगी पेंशन

फेस रीडिंग का विकल्प भी नहीं बन रहा मददगार

न हाथ काम कर रहा न आंख, फिर कैसे मिलेगी पेंशन

भौतिक सत्यापन के अभाव में अटक रही पेंशन ।

कोटा। केस 1 - मैं अकेली रहती हूं, मेरे पास कोई नहीं है। मुझे पेंशन का ही सहारा है। लेकिन मेरी पेंशन नहीं आ रही है। क्योंकि मेरा अंगूठा नहीं लग पा रहा है। अंगूठे की लकीरें खराब हो गई हैं। आंखों की पुतलियां भी कम काम कर रही हैं।
- जीत कौर, वृद्ध पेंशनर

केस 2 - मेरी पेंशन नहीं आ रही है। क्योंकि मेरा बायोमेट्रिक सत्यापन होने में परेशानी आ रही है। अंगूठा नहीं लग रहा है। मुझे ई-मित्र तक लाने वाला भी कोई नहीं है। मेरा जनाधार व पेंशन का डाटा भी मैच नहीं हो रहा है। मेरी पेंशन रुक गई है।
- धनकौर, विधवा पेंशन

हाथ के अंगूठे व अंगुलियों की लकीरें खराब होने के कारण जिले के कई पेंशनरों को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सत्यापन नहीं होने से उनकी पेंशन अटक गई है। ये पेंशनर पेंशन के लिए कभी ई-मित्र पर तो कभी सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग कार्यालय में चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन लेने के लिए वृद्धजनों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाता है। इसके लिए अंगूठा लगवाया जाता है, लेकिन अधिक वृद्धावस्था के कारण अंगूठे की लकीरें खराब हो जाती हैं। कई बार लगाने पर भी अंगूठे का निशान नहीं आता है। ऐसे में कई पेंशनरों की पेंशन अटक गई है।

आंखों की पुतलियां भी दे रही जवाब : सरकार ने वृद्धजनों के भौतिक सत्यापन के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन के अलावा अन्य विकल्प की सुविधा भी दे रखी है, लेकिन कुछ वृद्धजनों के लिए यह विकल्प भी काम नहीं आ पा रहे हैं। अधिक उम्र होने के कारण कई वृद्धजनों की हाथ की लकीरें घिस जाती है, जिससे बायोमेट्रिक मशीन में अंगुलियों और अंगूठे के निशान नहीं आ पाते है। इसके अलावा अधिक उम्र होने पर आंखों की पुतलियां भी कमजोर हो जाती हैं। इससे आंखों से भी सत्यापन करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में बुजुगों को सरकारी कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। 

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ई-मित्र और विभाग के लगा रहे चक्कर
जानकारी के अनुसार कोटा जिले में कई ऐसे पेंशनर हैं जो भौतिक सत्यापन नहीं हो पाने के कारण परेशान हो रहे और आए दिन विभाग व ई-मित्र के यहां चक्कर लगा रहे हैं। छावनी स्थित ई-मित्र संचालक नितिन श्रंगी ने बताया कि यहां पर रोजाना पांच से छह वृद्धजन इस तरह की समस्य लेकर आ रहे  हैं। उसने भौतिक सत्यापन के लिए आइरिश स्कैनर मशीन भी लगा रखी है, लेकिन कई बुजुर्गो के आंख में कोई न कोई खराबी होने के कारण आइरिश स्कैनर मशीन भी काम नहीं आ रही है। ऐसे में उनको विभाग के अधिकारियों से सम्पर्क करने की सलाह दी जा रही है। पेंशन बन रही आजीविका का सहारा: वृद्धजन भूली बाई, द्वारका बाई, श्योजीलाल व शम्भूदयाल ने बताया कि आयु व श्रेणी के आधार पर लोगों को अलग अलग पेंशन मिलती है।  योजना के अंतर्गत वृद्धजन पेंशन, एकल नारी, विशेष योग्यजन, विधवा पेंशन मिलती है।

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फैक्ट फाइल
-  कोटा जिले में कुल पेंशनधारी-214939 
-  जिले के शहरी क्षेत्र में पेंशनधारी-105502 
-  जिले के ग्रामीण क्षेत्र में पेंशनधारी-109437

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बायोमेट्रिक सत्यापन के कई तरीके हैं। यदि अंगूठे से सत्यापन नहीं हो रहा है तो मोबाइल पर ओटीपी से, मोबाइल फेस एप, जनाधार व आधार कार्ड से सत्यापन किया जा सकता है। किसी पेंशनर को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए विभाग हर मदद करने को तैयार है। 
- सविता कृष्णैया, संयुक्त निदेशक, सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग 

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