नए टिपर आए तो पुरानों की हुई दुर्दशा

निगम के कई टिपर बेकार हो खड़े गैराज में

नए टिपर आए तो पुरानों की हुई दुर्दशा

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम कोटा उत्तर और दक्षिण ने करोड़ों रुपए के सफाई के संसाधन क्रय किए हैं लेकिन पुरानों की देखभाल नहीं की जिससे उनकी दुर्दशा हो रही है।

कोटा ।  स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम कोटा उत्तर और दक्षिण ने करोड़ों रुपए के सफाई के संसाधन क्रय किए हैं लेकिन पुरानों की देखभाल नहीं की जिससे उनकी दुर्दशा हो रही है।

 नगर निगम द्वारा छोटे-बड़े कई टिपर खरीदे गए हैं जिन्हें घर-घर कचरा संग्रहण में काम में लिया जा रहा है।  जिनमें गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डालने की सुविधा है।  निगम द्वारा कोटा उत्तर के 70 और दक्षिण के 80 वार्डों में टिपर लगे हुए हैं लेकिन शुरूआत में कचरा संग्रहण के लिए आए टिपरों में से अधिकतर टिपर खराब होकर दुर्दशा का शिकार हो रहे हैं और दशहरा मैदान स्थित निगम के गैराज स्थल पर खड़े हुए हैं।  अधिकतर टिपरों के टायर ही गायब है।  जानकारों के अनुसार टिपर की देखभाल नहीं होने से  चोर उनके टायर खोल कर ले गए हैं।  जबकि निगम अधिकारियों का कहना है कि टायर पंचर हो गए हैं जिन्हें ठीक करने के लिए दिया हुआ है ।

कोटा में दो नगर निगम बनने के बाद गैराज में वाहनों को रखने की जगह भी पर्याप्त नहीं है ।  ऐसे में अधिकतर वाहन दशहरे मैदान में ही खड़े हुए हैं जिनकी सुरक्षा के लिए चारों तरफ के गेट भी बंद है और गार्ड भी लगे हुए ।  उसके बावजूद भी वह दुर्दशा का शिकार हो रहे हैं । नगर निगम कोटा दक्षिण ने टिपर का संचालन ठेके पर दिया हुआ है जबकि नगर निगम कोटा उत्तर द्वारा संविदा कर्मी चालकों से टिपर का संचालन कराया जा रहा है । संवेदक द्वारा सुबह टिपर को दशहरे मैदान से वार्डों में भेजा जा रहा है और समय पूरा होने पर उन्हें वापस वही लाकर खड़ा किया जा रहा है । जबकि ठेके पर दिए गए टिपर ठेकेदारों व चालकों के घरों पर ही खड़े हुए हैं।

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