कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला: सूखे पर केंद्र से सहायता की मांग, कैबिनेट विस्तार जल्द होने के संकेत
कैबिनेट से जुड़ी औपचारिकताएं इसी सप्ताह पूरी
बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार एक ओर जहां सूखे से राहत और पानी की समस्या के दीर्घकालिक समाधान के लिए राष्ट्रीय राजधानी में होने वाली बैठक में केंद्र पर पुरजोर दबाव बनाएगी, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से प्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़ी औपचारिकताएं भी इसी सप्ताह पूरी होने की उम्मीद हैं। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कर्नाटक के सांसदों की सर्वदलीय बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में सूखे से बिगड़ते हालात और पानी से जुड़ी गंभीर समस्याओं से निपटने के लिए केंद्र का समर्थन हासिल करना होगा।
उन्होंने कहा, "हम सभी सांसदों के साथ सूखे और पानी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। कर्नाटक की चिंताओं को एकजुट होकर केंद्र के सामने रखना होगा।" गौरतलब है कि उनके ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब कई जिलों में कम बारिश को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं और सूखा प्रबंधन तथा जल प्रबंधन के लिए केंद्रीय सहायता को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। कैबिनेट विस्तार के लंबित मामले पर सीएम शिवकुमार ने संकेत दिया कि यह प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा, "कैबिनेट से जुड़ी औपचारिकताएं इसी सप्ताह पूरी हो जाएंगी।" उन्होंने हालांकि इसमें शामिल होने वाले संभावित नामों या विभागों के बंटवारे पर कोई टिप्पणी नहीं की।
मुख्यमंत्री का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी आलाकमान के साथ कई सप्ताहों के विचार-विमर्श के बाद कांग्रेस सरकार द्वारा कैबिनेट में रिक्त पदों को भरे जाने की उम्मीद है। इस विस्तार से क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व में संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ उन कई विधायकों को भी जगह मिलने की उम्मीद है जो मंत्री पद पाने के लिए पैरवी कर रहे थे।

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