चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन: विधानसभा चुनावों से पहले जब्त किए 650 करोड़ रुपये, आदर्श आचार संहिता के सख्त अनुपालन का दिया आदेश
चुनावी कार्रवाई: देशभर में 650 करोड़ रुपये से अधिक की जब्ती
चुनाव आयोग ने 2026 विधानसभा चुनावों के दौरान प्रलोभन के खिलाफ बड़ी स्ट्राइक की है। 15 मार्च से अब तक 651.51 करोड़ रुपये की नकदी, शराब और ड्रग्स जब्त किए गए हैं, जिसमें पश्चिम बंगाल 319 करोड़ के साथ शीर्ष पर है। आयोग ने 10,000 से अधिक फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए हैं ताकि आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन हो सके।
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने कहा है कि 2026 के विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद से कानून लागू करने वाली देश की विभिन्न एजेंसियों ने अब तक 650 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, शराब, मादक पदार्थ, कीमती धातुएं और अन्य प्रलोभन सामग्री जब्त की है। आयोग ने रविवार को आधिकारिक आंकड़े जारी करते हुए बताया कि 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों तथा छह राज्यों में उपचुनावों की घोषणा के बाद आदर्श आचार संहिता के सख्त अनुपालन को प्राथमिकता दी गयी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 26 फरवरी से पांच अप्रैल के बीच कुल 651.51 करोड़ रुपये की जब्ती हुई, जिसमें 53.2 करोड़ रुपये नकद, 79.3 करोड़ रुपये की शराब, 230 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ, 58 करोड़ रुपये की कीमती धातुएं और 231 करोड़ रुपये से अधिक की अन्य वस्तुएं शामिल हैं।
राज्यों में पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 319 करोड़ रुपये की जब्ती हुई, इसके बाद तमिलनाडु में 170 करोड़ रुपये, असम में 97 करोड़ रुपये, केरल में 58 करोड़ रुपये और पुडुचेरी में 7 करोड़ रुपये की जब्ती दर्ज की गयी। आयोग ने बताया कि शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए 5,173 से अधिक उड़न दस्ते तैनात किए गए हैं, जिनके लिए 100 मिनट का प्रतिक्रिया समय निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 5,200 से अधिक स्थिर निगरानी दल भी विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं, जो औचक जांच और नाके लगा रहे हैं।
चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा, "आयोग ने सभी प्रवर्तन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे किसी भी तरह के प्रलोभन के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करें, साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि निरीक्षण के दौरान आम नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा या परेशानी न हो।" आयोग ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे प्रलोभन से जुड़े मामलों में सख्ती से कार्रवाई करें, लेकिन आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा या उत्पीड़न न हो, इसका भी ध्यान रखा जाए। इसके लिए जिला स्तर पर शिकायत निवारण समितियां भी गठित की गयी हैं। आयोग ने नागरिकों और राजनीतिक दलों से आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की सूचना ईसीआईनेट मंच के सी-विजिल मॉड्यूल के माध्यम से देने का आग्रह किया है, ताकि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

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