मिडिल ईस्ट संकट के बीच कनार्टक सीएम सिद्दारमैया ने लिखा हरदीप सिंह पुरी को पत्र: एलपीजी आपूर्ति बढ़ाने की मांग की, ऑटो एलपीजी की उपलब्धता पर जताई चिंता

कर्नाटक में LPG संकट: सीएम सिद्दारमैया ने केंद्र से मांगी मदद

मिडिल ईस्ट संकट के बीच कनार्टक सीएम सिद्दारमैया ने लिखा हरदीप सिंह पुरी को पत्र: एलपीजी आपूर्ति बढ़ाने की मांग की, ऑटो एलपीजी की उपलब्धता पर जताई चिंता

बेंगलुरु में वाणिज्यिक एलपीजी की भारी किल्लत के बीच मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखा है। प्रतिदिन 50,000 सिलेंडरों की मांग के मुकाबले केवल 1,000 की आपूर्ति से होटल और आईटी क्षेत्र ठप हो रहे हैं। उन्होंने आपूर्ति सुव्यवस्थित करने और ऑटो एलपीजी के लिए पारदर्शी निगरानी प्रणाली बनाने की तत्काल मांग की है।

बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर बेंगलुरु में वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति को सुव्यवस्थित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है क्योंकि इससे आतिथ्य क्षेत्र एवं संबद्ध सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के उस आदेश का उल्लेख किया जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य किया है और आवश्यक क्षेत्रों के लिए आवंटन को विनियमित करने एवं प्राथमिकता देने के लिए कदम उठाया है।

हालांकि, सिद्दारमैया ने मांग एवं आपूर्ति के बीच गंभीर असंतुलन को उजागर किया। रेस्तरां, होटल, खानपान इकाइयों एवं पीजी आवासों की प्रतिदिन लगभग 50,000 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता के मुकाबले वर्तमान में केवल लगभग 1,000 सिलेंडर ही आपूर्ति किए जा रहे हैं। 18 मार्च को लिखे इस पत्र को गुरुवार को एक्स पर पोस्ट किया गया जिसमें सिद्दारमैया ने चेतावनी दी कि इस कमी के कारण प्रतिष्ठान निरंतर बंद हो रहे है, जिससे छात्रों, आईटी पेशेवरों, किसानों, डेयरी उत्पादकों और आतिथ्य क्षेत्र पर निर्भर जनता के एक बड़े वर्ग पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने मॉने​टिरिंग में मौजूद व्यवस्थागत कमियों की बात की। घरेलू एलपीजी वितरण पर नजर रखने के लिए एक सूचना-आधारित प्रणाली मौजूद है लेकिन वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति के लिए कोई एकीकृत मंच उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा उन्होंने ऑटो एलपीजी की उपलब्धता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह ऑटो रिक्शा के लिए एक महत्वपूर्ण ईंधन है, जो यातायात एवं हजारों चालकों की आजीविका के महत्वपूर्ण साधन हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऑटो एलपीजी वितरण के लिए एक एकीकृत निगरानी प्रणाली के अभाव के कारण पारदर्शिता एवं जवाबदेही की कमी है।

सिद्दारमैया ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि वे आपूर्ति बढ़ाने, समान वितरण सुनिश्चित करने और वाणिज्यिक एवं ऑटो एलपीजी दोनों क्षेत्रों के लिए एक व्यापक निगरानी तंत्र विकसित करने के लिए तत्काल कदम उठाएं ताकि मौजूदा संकट का समाधान हो सके।

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