कोटा में भी बढ़ाई पीएनजी कार्य की गति, अगले साल तक एक लाख घरों में पहुंचेगी पाइप लाइन से गैस
कई जगह अभी लाइनें डालने का ही काम हो रहा
आरएसजीएल की ओर से शहर के कई क्षेत्रों में घरों तक गैस की सप्लाई शुरू कर दी गई है।
कोटा। अमेरिका-इजरायल व ईरान युद्ध के चलते देश में हो रही एलपीजी गैस की किल्लत को देखते हुए सरकार की ओर से अधिकतर लोगों को पीएनजी गैस कनेक्शन लेने की सलाह दी जा रही है। कोटा में अभी तक जिस गति से पीएनजी का काम चल रहा है। सरकार के आदेश के बाद उस काम की गति को बढ़ाया जा रहा है। अगले साल तक कोटा में एक लाख घरों तक पाइप लाइन से गैस पहुंचाई जा सके। कोटा शहर में पीएनजी का काम राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेट की ओर से किया जा रहा है।
आरएसजीएल की ओर से शहर के कई क्षेत्रों में तो घरों तक गैस की सप्लाई भी शुरू कर दी गई है। वहीं कई जगह पर अभी तक लाइनें डालने का ही काम किया जा रहा है। हालांकि जिस गति से काम होना चाहिए था वह अभी तक नहीं हुआ है। लेकिन अब केन्द्र सरकार की ओर से पीएनजी कनेक्शन लेने पर फोकस करते हुए जोर दिया जा रहा है। उसके बाद राज्य सरकार और इस काम को कर रही एजेंसियां भी अधिक सक्रिय हुई हैं। सरकार के स्पष्ट आदेश व निर्देश के बाद कम्पनियों ने अपने काम की गति को बढ़ाया है। वर्तमान में बारां रोड पर बजरंग नगर हाउसिंग सोसायटी समेत कई जगह पर लाइनें डालने का काम तेजी से चल रहा है। यहां जल्दी ही कने क्शन चालू कर दिए जाएंगे। इसी तरह दादाबाड़ी, प्रताप नगर व शास्त्री नगर में भी काम चल रहा है।
लक्ष्य अधिक होगा तब भी पूरा करेंगे
आरएसजीएल के डिप्टी जीएम आनंद आर्य ने बताया कि कम्पनी की ओर से शहर में गैस लाइनें डालने और गैस की सप्लाई घरों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। शुरूआत में कई समस्याओं व औपचारिकताओं को पूरा करने में समय अधिक लगा था। इस कारण से काम की गति धीमी रही। जिससे अभी तक जिना लक्ष्य पूरा होना था वह नहीं हो पाया है। लेकिन अब इस काम की गति को बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अभी उन्हें एक लाख घरों तक कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया है। इसकी एवज में 75 हजार कनेक्शनों का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो गया है। साथ ही 10 हजार घरों तक गैस सप्लाई की जा रही है। ऐसे में अब गैस को घरों तक पहुंचाने में अधिक समय नहीं लगेगा। एक लाख घरों तक गैस पहुंचाने का लक्ष्य तो अगले साल वर्ष 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही यदि आवश्यक हुआ और लक्ष्य बढ़ाया भी गया तो उसे भी पूरा कर लिया जाएगा। आर्य ने बताया कि कोटा में भी जहां कम्पनी का नेटवर्क तैयार है वहां डिमांड आने पर 24 घंटे या उससे भी कम समय में कनेक् शन जारी कर दिया जाता है।
आवश्यक सेवा होने से नहीं होगी परेशानी
डीजीएम आर्य ने बताया कि एलपीजी की तरह ही पीएनजी भी करीब 20 फीसदी ही भारत में तैयार होती है। जबकि 80 फीसदी आयात की जाती है। लेकिन पीएनजी आवश्यक सेवा है। ऐसे में इसकी सप्लाई में कोई परेशानी नहीं है। यदि कटौती करनी भी पड़ती है तो उद्योगों व अन्य क्षेत्रों में की जाती है। लेकिन घरों में पीएनजी सप्लाई को निर्बाध रूप से सुचारू रखा जाता है।

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