केरल सरकार ने दिए त्रिशूर विस्फोट की न्यायिक जांच के आदेश : 14 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा, कई लोगों की मौत

त्रिशूर धमाका: केरल सरकार ने किया राहत पैकेज और न्यायिक जांच का ऐलान

केरल सरकार ने दिए त्रिशूर विस्फोट की न्यायिक जांच के आदेश : 14 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा, कई लोगों की मौत

केरल कैबिनेट ने त्रिशूर पटाखा यूनिट विस्फोट को 'राज्य-विशिष्ट आपदा' घोषित करते हुए पीड़ितों के लिए 14 लाख रुपये के मुआवजे को मंजूरी दी है। न्यायमूर्ति सी.एन. रामचंद्रन नायर मामले की न्यायिक जांच करेंगे। सरकार ने घायलों के मुफ्त इलाज और क्षतिग्रस्त संपत्तियों की मरम्मत के लिए SOP जारी करने के निर्देश दिए हैं।

तिरुवनंतपुरम। केरल कैबिनेट ने बुधवार को त्रिशूर के मुंदाथिकोड में एक पटाखा इकाई में हुए विस्फोट के लिए एक व्यापक राहत पैकेज को मंजूरी दी और न्यायिक जांच के आदेश दिये। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गयी थी और कई अन्य घायल हो गये थे। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अध्यक्षता में ऑनलाइन हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की राज्य कार्यकारी समिति से इस घटना को 'राज्य-विशिष्ट आपदा' घोषित करने की सिफारिश की जायेगी।

न्यायिक जांच की घोषणा करते हुए कैबिनेट ने विस्फोट की परिस्थितियों की जांच के लिए न्यायमूर्ति सी.एन. रामचंद्रन नायर को एकल सदस्यीय आयोग नियुक्त किया। मुआवजा पैकेज के हिस्से के रूप में मृतकों के परिजनों को 14 लाख रुपये प्रदान किए जायेंगे, जिसमें राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) से चार लाख रुपये और मुख्यमंत्री संकट राहत कोष (सीएमडीआरएफ) से 10 लाख रुपये शामिल हैं। घायलों को एसडीआरएफ के मानदंडों के अनुसार वित्तीय सहायता के साथ-साथ मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त दो लाख रुपये मिलेंगे।

सरकार सार्वजनिक और पैनल में शामिल निजी अस्पतालों, दोनों में छह महीने तक घायलों के इलाज का पूरा खर्च भी वहन करेगी। यदि इलाज छह महीने से अधिक समय तक चलता है, तो मेडिकल बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर खर्चों को कवर किया जाना जारी रहेगा।
कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि क्षतिग्रस्त निजी संपत्तियों—जैसे बचाव कार्यों को सुगम बनाने के लिए ढहायी गयी चारदीवारी और समतल किये गये धान के खेतों की मरम्मत के लिए आने वाली लागत की प्रतिपूर्ति जिला कलेक्टर के आकलन के आधार पर एसडीआरएफ से की जायेगी।

ऐसी आपदाओं में प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए सरकार ने केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करने का निर्देश दिया है, जिसमें शवों के दफन और डीएनए मिलान के लिए नमूने एकत्र करने जैसे पहलुओं को शामिल किया जायेगा। कैबिनेट ने तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए एसडीआरएफ से 50 लाख रुपये की पूर्व मंजूरी की पुष्टि की और जिला कलेक्टर को चल रहे बचाव और राहत कार्यों के लिए इन निधियों का उपयोग करने के लिए अधिकृत किया। इसके अलावा, जिला कलेक्टर को विस्फोट के कारण आसपास के घरों को हुए नुकसान का तत्काल आकलन करने और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है, ताकि एसडीआरएफ के प्रावधानों के तहत मुआवजा दिया जा सके।

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