जयपुर में आतंकी गतिविधियों को लेकर बड़ा खुलासा : फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाकर आंतकी खरगोश देश से फरार, स्थानीय लोगों के बीच घुलने-मिलने के बाद बनवाया किरायानामा
राजस्थान एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस उनसे पूछताछ कर रही
जयपुर में आतंकी गतिविधियों को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ करीब ग्यारह माह तक सड़वा मोड में पहचान बदलकर रह रहा।
जयपुर। जयपुर में आतंकी गतिविधियों को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ करीब ग्यारह माह तक सड़वा मोड में पहचान बदलकर रह रहा था। इस दौरान उसने न केवल स्थानीय लोगों से घनिष्ठ संबंध बनाए, बल्कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाकर देश से फरार भी हो गया। एटीएस सूत्रों के अनुसार, उमर हारिस साल 2023 में नूंह-मेवात से जयपुर आया था और अगस्त 2024 तक यहां सक्रिय रहा। उसने सी-स्कीम स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक रिपेयरिंग कंपनी में नौकरी की और जयसिंहपुरा खोर इलाके में किराए के मकान में रहने लगा। स्थानीय लोगों के बीच घुलने-मिलने के बाद उसने किरायानामा तैयार कराया और धीरे-धीरे अन्य फर्जी दस्तावेज भी बनवा लिए।
जांच में सामने आया है कि इस आतंकी की मदद चार लोगों ने की थी। इनमें एक ने नौकरी दिलाई, दूसरे ने किरायानामा बनवाया, तीसरे ने फर्जी पासपोर्ट तैयार कराया और चौथे ने उसे जयपुर, नेपाल, उत्तर प्रदेश सहित कई जगहों पर घुमाया। ये सभी संदिग्ध नूंह-मेवात के बताए जा रहे हैं और लंबे समय से जयपुर में रह रहे थे। हालांकि, अब तक इन चारों का सीधा आतंकी कनेक्शन साबित नहीं हुआ है, लेकिन राजस्थान एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और कई अन्य लोग भी एजेंसियों की निगरानी में हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उमर हारिस साल 2012 के आसपास पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर सक्रिय हुआ था।

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