पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता की मुश्किल बढ़ाएंगे ओवैसी, बोले-बंगाल में नाइंसाफी की लंबी लिस्ट, हुमायूं कबीर से गठबंधन का ऐलान
बंगाल चुनाव 2026: ओवैसी और हुमायूं कबीर का नया मोर्चा
पश्चिम बंगाल चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी ने हुमायूं कबीर की जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के साथ गठबंधन का ऐलान कर ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ओवैसी ने 30% मुस्लिम आबादी की अनदेखी का आरोप लगाते हुए टीएमसी के वोट बैंक में सेंधमारी की तैयारी की है। राज्य में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा।
कोलकाता/हैदराबाद। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में असुदद्दीन ओवैसी ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी की मुश्किलें बढ़ाएंगे। ओवैसी ने रविवार को हैदराबाद में हुमायूं कबीर की जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। ओवैसी ने ईद के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए ममता बनर्जी को निशाने पर लिया और कहा कि राज्य में मुस्लिमों की आबादी 30 फीसदी है, लेकिन धर्मनिरपेक्ष होकर उनसे वोट तो लेते हैं लेकिन उन्हें उनका हक और भागीदारी नहीं देते हैं। ओवैसी ने लोगों से लगा कि दुआ करें कि मजलिस और मजबूत हो। बंगाल के ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस 291 सीटों पर लड़ रही है।
हैदराबाद में एआईएमआईएम चीफ प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि बंगाल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। एआईएमआईएम ने फैसला लिया है कि पश्चिम बंगाल में हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ पार्टी एक गठबंधन करेगी और हम इस चुनाव में हिस्सा लेंगे। हमारी कोशिश है कि एआईएमआईएम को मजबूत किया जाए। हमारी आवाज को मजबूत किया जाए। ओवैसी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार हैं। वहां 30 फीसदी मुसलमानों की आबादी है, वहां लगभग 5 लाख पिछड़े वर्ग के प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया गया। जिसमें मुसलमान भी शामिल हैं। ये लोग धर्मनिरपेक्षता के नाम पर वोट हासिल करते हैं लेकिन जहां एआईएमआईएम हिस्सेदारी की बात करती है तो इन्हें तकलीफ होती है। पश्चिम बंगाल में हुमायूं कबीर दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं।
अभी तक कबीर ने उतारे हैं 182 कैंडिडेट
हुमायूं कबीर की जनता उन्नयन पार्टी ने अभी तक 182 कैंडिडेट का ऐलान किया है। टीएमसी से सस्पेंड होने के बाद नई पार्टी जनता उन्नयन पार्टी थी। हुमायूं कबीर खुद बेलडांगा और रेजीनगर से लड़ रहे हैं। उन्होंने ममता बनर्जी के खिलाफ भबानीपुर में पूनम बेगम को उतारा है। हुमायूं कबीर टीएमसी में थे, लेकिन टीएमसी ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से निष्कासित कर दिया था। अब वह ममता बनर्जी के मुस्लिम वोट बैंक में सेंधमारी करना चाहते हैं। ओवैसी के ऐलान ने सत्तारूढ़ टीएमसी की मुश्किलें बढ़ा दी है। बंगाल में अभी नामांकन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। राज्य में दो चरणों में चुनाव हैं। इसके लिए 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। नतीजे 4 मई को घोषित होंगे।

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