ईंधन संकट को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ कोलकाता में विरोध प्रदर्शन करेंगी दीदी, बुनियादी मुद्दों को लेकर बोला हमला
ममता बनर्जी का मोर्चा: ऊर्जा संकट पर केंद्र के खिलाफ सड़क पर उतरेंगी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को केंद्र की विफल ऊर्जा नीतियों के खिलाफ कोलकाता में विरोध मार्च करेंगी। उन्होंने LPG किल्लत और आपूर्ति प्रतिबंधों पर सवाल उठाते हुए केंद्र को घेरा है। राज्य सरकार ने संकट से निपटने हेतु SOP तैयार करने और गैस स्टॉक को सुरक्षित रखने का निर्णय लिया है ताकि जनता को राहत मिल सके।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने देश में बढ़ते उर्जा संकट के लिए केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए अगले सप्ताह कोलकाता में विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी केंद्र सरकार द्वारा स्थिति को संभालने में नाकाम रहने के खिलाफ सोमवार को सड़कों पर उतरेंगी। हालांकि, विरोध प्रदर्शन का स्थान अभी तय नहीं किया गया है।
पश्चिम एशिया में संघर्ष दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर गया है और इसका प्रभाव कई देशों में फैल रहा है। इस संकट ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करना शुरू कर दिया है क्योंकि दुनिया की तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग से होकर गुजरता है।
रिपोर्टों के अनुसार, संघर्ष के कारण इस जलमार्ग में व्यवधान आने से ईंधन आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे कई देशों में ईंधन की किल्लत पैदा हो गई है। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर संकट का अनुमान लगाने और एहतियाती कदम उठाने में विफल रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र ने केवल 25 दिनों के बाद एलपीजी बुकिंग की अनुमति देने जैसे प्रतिबंध क्यों लगाए और देश के गैस भंडार के बारे में विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।
हाल ही में, मुख्यमंत्री धर्मतला में धरना दे रही थीं, जिसमें उन्होंने मांग की थी कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत न्यायिक जांच के दायरे में आने वाले मतदाताओं को वैध घोषित किया जाए। उस विरोध प्रदर्शन के दौरान भी उन्होंने ईंधन की कमी का मुद्दा उठाया था। अब, उन्होंने केंद्र की कथित त्रुटिपूर्ण नीतियों के खिलाफ सड़क मार्च आयोजित करके विरोध को तेज करने का फैसला किया है।
ममता बनर्जी ने बुधवार दोपहर को स्थिति का आकलन करने के लिए तेल कंपनियों और एलपीजी डीलरों के प्रतिनिधियों के साथ एक आपातकालीन बैठक भी की थी। बैठक के बाद उन्होंने कहा था कि पेट्रोलियम ईंधन की आपूर्ति अभी गंभीर रूप से प्रभावित नहीं हुई है, लेकिन एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में बड़ी समस्या है। मुख्यमंत्री ने कहा था, हमने संकट से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। डीलरों के साथ चर्चा से हमें पता चला कि पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति अभी भी अपेक्षाकृत स्थिर है। मुख्य समस्या एलपीजी गैस की है। हमने कहा है कि राज्य में गैस का जो भी स्टॉक उपलब्ध है, उसे बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए।
ममता बनर्जी ने यह भी घोषणा की, कि राज्य सरकार इस उभरते संकट से निपटने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करेगी। पार्टी सूत्रों ने कहा कि रैली के मार्ग और अन्य संगठनात्मक विवरणों को अंतिम रूप दिया जाना अभी बाकी है।

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