दुबई पोर्ट पर खड़े कुवैती तेल टैंकर पर ईरानी ड्रोन हमला: 24 कर्मचारियों को सुरक्षित बचाया, समुद्र में तेल रिसाव का बढ़ा खतरा
खाड़ी में तनाव: दुबई के तट पर कुवैती तेल टैंकर पर ड्रोन हमला
दुबई के पास कुवैती टैंकर 'अल-सलमी' पर ईरानी ड्रोन हमले से भीषण आग लग गई। गनीमत रही कि सभी 24 क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। इस हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के बीच अमेरिकी कच्चा तेल $116 के पार पहुंच गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है।
दुबई। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में दुबई के समुद्री क्षेत्र में लंगर डाले एक कुवैती तेल टैंकर पर मंगलवार को ईरानी ड्रोन से हमला किया गया। इससे जहाज पर भीषण आग लग गई लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ न ही तेल रिसाव की कोई रिपोर्ट है। ब्रिटिश सैन्य निगरानी एजेंसी 'यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस' के अनुसार, 'अल-सलमी' नामक इस टैंकर को दुबई से लगभग 31 समुद्री मील उत्तर-पश्चिम में निशाना बनाया गया। दुबई की आपातकालीन टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए टैंकर पर लगी आग को बुझा दिया और चालक दल के सभी 24 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने भी मीडिया के माध्यम से इस हमले की पुष्टि की है और संभावित पर्यावरणीय जोखिमों के प्रति आगाह किया है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल का हवाई अभियान पिछले एक महीने से जारी है, जिसके कारण वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि यदि वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को पूरी तरह से नहीं खोला गया, तो वे ईरान के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाएंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि कूटनीतिक प्रयासों के बीच क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ाई जा रही है ताकि "अधिकतम विकल्प" खुले रहें।
उधर ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप द्वारा दी गई 15-सूत्रीय योजना और अमेरिकी मांगों को "अत्यधिक, अवास्तविक और अनुचित" बताते हुए कड़ी आलोचना की है। इस ताजा हमले और बढ़ते तनाव के बीच सोमवार को तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया, जहाँ अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत जुलाई 2022 के बाद पहली बार 116 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई है। फिलहाल, दुबई की टीमें जहाज को हुए नुकसान के आकलन में जुटी हुई हैं।

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