देश की राजधानी में शुरू हुई "प्लास्टइंडिया 2026" प्रदर्शनी: विश्व के कई देश ले रहे हैं हिस्सा, विनिर्माण-आधारित विकास और बड़े पैमाने पर रोजगार को बढ़ावा
भारत मंडपम में प्लास्टइंडिया 2026 का भव्य आगाज़
भारत मंडपम में प्लास्टइंडिया 2026 शुरू हुआ। 2000+ अंतरराष्ट्रीय स्टॉल, शून्य कचरा तकनीक, स्टार्टअप फोकस। लक्ष्य आत्मनिर्भर विनिर्माण और रोजगार बढ़ाना। प्रदर्शनी 4-10 फरवरी चलेगी। वैश्विक भागीदारी मजबूत।
नई दिल्ली। दुनिया की प्रमुख प्लास्टिक प्रदर्शनियों में से एक प्लास्टइंडिया 2026 गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया। इस प्रदर्शनी का मुख्य तौर पर देश की प्लास्टिक का सामान बनाने में हुयी प्रगति को दिखाया गया है। 4 से 10 फरवरी तक चलने वाले इस वैश्विक कार्यक्रम का यह सालाना संस्करण रसायन और पेट्रोकेमिकल्स विभाग, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया गया है। इस मेले का मुख्य फोकस विनिर्माण-आधारित विकास और बड़े पैमाने पर रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक आत्मनिर्भर औद्योगिक आधार बनाने पर है।
इसमें 2,000 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय स्टॉल लगे हैं और इनमें मशीनरी, कच्चे माल और अन्य चीजों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस प्लास्टइंडिया मेले में शून्य कचरा प्रौद्योगिकी को पहली बार ध्यान में रखा जा रहा है। साथ ही इसमें नयी चीजों की खोज एवं स्टार्ट-अप को विशेष ध्यान दिया गया है। गौरतलब है कि, भारतीय प्लास्टिक उद्योग का वर्तमान में लगभग तीन-साढे तीन लाख करोड़ रुपये का सालाना कारोबार है।

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