आशा भोसले के निधन पर सोनिया गांधी ने जताया शोक : परिजनों को लिखा भावुक पत्र; कहा-भारतीय संगीत का स्वर्णिम युग समाप्त, रविवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल में ली थी अंतिम सांस
विदाई स्वर साम्राज्ञी: सोनिया गांधी ने आशा भोसले को दी श्रद्धांजलि
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सुरों की मलिका आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने उनके पुत्रों, आनंद और हेमंत भोसले को लिखे पत्र में आशा जी को एक "राष्ट्रीय धरोहर" बताया। सोनिया गांधी ने कहा कि उनकी बहुमुखी आवाज़ ने सात दशकों तक करोड़ों दिलों को छुआ है और उनके जाने से भारतीय संगीत का एक स्वर्णिम युग समाप्त हो गया है।
नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके परिजनों को एक भावुक शोक पत्र लिखा है। सोनिया गांधी ने आशा भोसले के बेटे आनंद और हेमंत भोसले को संबोधित पत्र में कहा कि आशा भोसले के निधन के साथ भारतीय संगीत का एक स्वर्णिम युग समाप्त हो गया है। उन्होंने आशा जी को एक महान कलाकार, प्रतीक और करोड़ों लोगों को अपनी आवाज़ से खुशी देने वाली हस्ती बताया। पत्र में उनकी बहुमुखी प्रतिभा का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने शास्त्रीय, लोक और पॉप संगीत में अपनी अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने लिखा कि आशा भोसले की आवाज़ और उनका संगीत हमेशा जीवित रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
उन्होंने उन्हें "राष्ट्रीय धरोहर" बताते हुए कहा कि देशभर के संगीत प्रेमी उनके निधन से शोकाकुल हैं। पत्र में आगे उन्होंने परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में उनके विचार और प्रार्थनाएं परिवार के साथ हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान हो। गौरतलब है कि मशहूर गायिका आशा भोंसले ने रविवार को 92 वर्ष की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली।

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