मतगणना में सख्ती : चुनाव आयोग की नई पहल, मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए क्यूआर-आधारित आईडी प्रणाली शुरू 

चुनाव आयोग ने लागू किया नया डिजिटल पहचान सिस्टम

मतगणना में सख्ती : चुनाव आयोग की नई पहल, मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए क्यूआर-आधारित आईडी प्रणाली शुरू 

तमिलनाडु में मतगणना की सुरक्षा बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग ने क्यूआर कोड आधारित फोटो आईडी (PIC) प्रणाली शुरू की है। 4 मई को होने वाली मतगणना के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार है। यह अत्याधुनिक तकनीक अनाधिकृत प्रवेश रोककर प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करेगी। चेन्नई सहित 62 केंद्रों पर सख्त निगरानी रहेगी।

चेन्नई। चुनाव आयोग ने मतगणना केंद्रों में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति के प्रवेश को रोकने के लिए ईसीआईएनईटी पर क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र (पीआईसी) प्रणाली शुरू की है। तमिलनाडु विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को हुए मतदान में वोटों की गिनती चार मई को पूरे राज्य के 62 केंद्रों पर की जाएगी जिनमें चेन्नई के तीन केंद्र भी शामिल हैं। चेन्नई में ही उन ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) को सुरक्षित कक्षों में रखकर सील किया गया है, जिनमें 443 महिलाओं सहित 4,032 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला हुआ है।

तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने कहा कि क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली को असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के चुनावों और पांच राज्यों की सात सीटों पर हुए उपचुनावों में पहली बार लागू किया गया है और उसका विस्तार लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं के सभी आम चुनावों और उपचुनावों में किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण पहल पिछले एक वर्ष में ईसीआई द्वारा की गई 30 से अधिक पहलों की श्रृंखला में शामिल है, जिसमें बीएलओ के लिए मानकीकृत क्यूआर कोड 
आधारित फोटो आईडी कार्ड की शुरुआत भी शामिल है।

मतगणना केंद्रों पर पहचान के सत्यापन के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पहले और दूसरे स्तर पर, रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा जारी किए गए पहचान पत्र (पीआईसी) की मैन्युअल रूप से जांच की जाएगी। पटनायक कहा कि मतगणना कक्ष के पास स्थित तीसरे और सबसे भीतरी सुरक्षा घेरे में, क्यूआर कोड स्कैनिंग के माध्यम से सफल सत्यापन के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि क्यूआर कोड पर आधारित नए पीआईसी उन व्यक्तियों के लिए लागू होंगे जिन्हें चुनाव आयोग द्वारा मतगणना केंद्रों और हॉलों में प्रवेश करने के लिए अधिकृत किया गया है, जिनमें रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, मतगणना कर्मचारी, तकनीकी कर्मी, उम्मीदवार, चुनाव एजेंट और मतगणना एजेंट आदि शामिल हैं।

पटनायक ने कहा कि प्रत्येक मतगणना केंद्र में मतगणना हॉल के पास अधिकृत मीडियाकर्मियों की सुविधा के लिए एक मीडिया सेंटर स्थापित किया जाएगा जिन्हें आयोग के मौजूदा निर्देशों के अनुसार चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए प्राधिकरण पत्रों के आधार पर प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को इस प्रणाली के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने का निर्देश दिया गया है जिसमें निर्बाध एवं नियंत्रित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नामित चौकियों पर प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती शामिल है। सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, मतगणना अधिकारियों और सहायक मतगणना अधिकारियों को मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुरक्षा एवं दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

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