उज्जवल रमन ने कहा, प्रयागराज माघ मेला में संतों के साथ दुव्र्यवहार निंदनीय
शंकराचार्य के साथ कथित दुर्व्यवहार पर सांसद उज्जवल रमन सिंह ने जताई कड़ी नाराजगी
प्रयागराज सांसद उज्जवल रमन सिंह ने मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुए दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए जांच की मांग की। अपमान के विरोध में शंकराचार्य मौन व्रत पर हैं।
प्रयागराज। प्रयागराज से कांग्रेस के सांसद और पूर्व मंत्री उज्जवल रमन सिंह ने माघ मेला के दौरान मौनी अमावस्या के शाही स्नान में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी एवं उनके साथ उपस्थित संतों के साथ हुए कथित दुव्र्यवहार की घटना को अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
रमन सिंह ने सोमवार को सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक पर पोस्ट किया,संगम की पवित्र भूमि सदियों से संत, साधु और महात्माओं की आस्था और श्रद्धा का केंद्र रही है। ऐसे पावन आयोजन में संत समाज के साथ किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार न केवल सनातन परंपराओं के विरुद्ध है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक मूल्यों को भी ठेस पहुंचाता है। संत समाज का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए तथा जो भी दोषी हों, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उज्जवल रमन सिंह ने कहा, संतों का सम्मान ही हमारी संस्कृति और परंपरा की पहचान है और इस पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से भी अपेक्षा जताई कि ऐसे आयोजनों में संतों की गरिमा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।
गौरतलब है कि, प्रयागराज माघ मेला के दौरान मौनी अमावस्या महास्नान पर्व के मौके पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के संगम स्नान से वंचित रहने का मामला गरमा गया है। इसको लेकर शंकराचार्य के मौन व्रत धारण कर लिया है। दावा किया जा रहा है कि रविवार की घटना के बाद से ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अन्न-जल का त्याग कर दिया है। सोमवार को अपनी आगे की रणनीति का खुलासा कर सकते हैं।

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