ईरान-इजराइल संघर्ष: हैकर्स ने बनाया इजरायल की 'अकादमी ऑफ द हिब्रू लैंग्वेज' वेबसाइट को निशाना, लिखा विवादित संदेश—''हिब्रू सीखने की कोई ज़रूरत नहीं, नहीं पड़ेगी इसकी आवश्यकता''
ईरानी हैकर्स ने 'हिब्रू एकेडमी' की वेबसाइट बदली
ईरान समर्थक समूह 'हंदाला' ने इजरायल की 'अकादमी ऑफ द हिब्रू लैंग्वेज' को निशाना बनाकर सेंधमारी की है। हमलावरों ने वेबसाइट पर "हिब्रू सीखने की जरूरत नहीं" जैसे संदेश लिखे और पूर्व प्रधानमंत्रियों का डीपफेक वीडियो जारी किया। सुरक्षा फर्म के अनुसार, 12 लाख रिक्वेस्ट प्रति सेकंड की दर से सेवाओं को ठप करने का प्रयास किया गया।
तेल अवीव। पश्चिम एशिया में गहराते संघर्ष के बीच बुधवार को ईरान से जुड़े हैकरों ने इजरायल के 'अकादमी ऑफ द हिब्रू लैंग्वेज' की वेबसाइट को निशाना बनाया। रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने वेबसाइट के स्वरूप को बदल दिया। साइट खोलने पर अंग्रेजी में एक विचलित करने वाला संदेश दिखाई देने लगा, "अब हिब्रू सीखने की कोई ज़रूरत नहीं है। आपको बहुत जल्द इसकी आवश्यकता नहीं पड़ेगी।"
रिपोर्टों के मुताबिक, यह सेंधमारी फिलिस्तीन समर्थक समूह 'हंदाला' द्वारा की गई है। यह घटना हाल ही में इज़राइल भर में वेबसाइटों और वित्तीय सेवाओं को बाधित करने के उद्देश्य से किए गए एक बड़े साइबर हमले के बाद हुई है। वेबसाइट पर दिख रहा संदेश ईरान से जुड़े हैकर समूह 'हंदाला' के लोगो के साथ दिखाई दिया। हंदाला ने हमले की जिम्मेदारी ली है।
साइबर सुरक्षा फर्म 'इम्परवा' की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले की तीव्रता लगभग 12 लाख रिक्वेस्ट प्रति सेकंड तक पहुँच गई थी, जिसका उद्देश्य सर्वर को ठप करना और ऑनलाइन सेवाओं को बाधित करना था। वेबसाइट हैक करने के अलावा, हंदाला समूह ने कथित तौर पर इंटरनेट पर एक दुष्प्रचार वीडियो भी जारी किया। अरब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस वीडियो में वर्तमान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट का एक डीपफेक वीडियो दिखाया गया है।
हंदाला को एक फिलिस्तीन समर्थक हैक्टिविस्ट समूह माना जाता है, जो व्यापक रूप से ईरानी हितों के साथ जुड़ा हुआ है। इसका अभियान मुख्य रूप से इज़राइली संगठनों और उनके महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाता है।

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