राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला: एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने की संभावनाओं पर दें ध्यान, 'माइंडसेट' बदलने की दी सलाह
ऊर्जा संकट की चेतावनी
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश में गहराते तेल और गैस संकट को बड़ी समस्या की शुरुआत बताया है। उन्होंने सरकार को राजनीति से ऊपर उठकर ऊर्जा सुरक्षा के लिए तुरंत तैयारी करने की चेतावनी दी। राहुल ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में 'माइंडसेट रीसेट' करना जरूरी है ताकि करोड़ों लोगों को नुकसान से बचाया जा सके।
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि देश में रसोई गैस और तेल की किल्लत का यह शुरुआती दौर है और बदले माहौल में सरकार को ऊर्जा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। राहुल गांधी ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गुरुवार को कहा, देश में एलपीजी और तेल की जो स्थिति है, वो अभी शुरुआत है। इस बारे में मैं सदन में बोलना चाहता था, लेकिन कोई नई प्रक्रिया शुरू हुई है। इसमें मंत्री पहले तय करेंगे, फिर मैं बोलूंगा और फिर मंत्री उस पर जवाब देंगे। अभी तैयारी करने की जरूरत है, क्योंकि अभी हमारे पास समय है। प्रधानमंत्री और सरकार को तुरंत इस समस्या से निकलने के लिए तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। अगर तैयारी नहीं की तो करोड़ों लोगों का नुकसान होगा।
उन्होंने कहा कि यह इससे भी बड़ा मुद्दा है कि ईरान हमें ईंधन लेने देता है या नहीं। यह अस्थिरता की तरफ बढने की स्थिति है और जब आप अस्थिर समय में जाते हैं तो इस हाल में मानसिकता बदलने लगती है क्योंकि यह पहले जैसी में नहीं रह सकती इसलिए सरकार को सुझाव है कि वह संभावनाओं के बारे में गहराई से सोचना शुरू करे और यह सुनिश्चित करने को कदम उठाए कि लोगों को परेशानी न हो।
राहुल गांधी ने कहा, मैं कोई राजनीतिक बयान नहीं दे रहा हूं। मैं सिर्फ इतना कह रहा हूं कि मुझे आगे बड़ी समस्या नजर आ रही है। अगर ईरान के स्तर पर यह समस्या बनी हुई है, तब भी यह ठीक नहीं होगी क्योंकि दुनिया बदल रही है, समाधान बदल रहा है इसलिए हमें माइंडसेट रीसेट करना होगा। अगर हम माइंडसेट नहीं बदलेंगे, स्पष्टता नहीं रखेंगे और हिंदुस्तान को सेंटर में रखकर काम नहीं करेंगे तो समस्या होगी।
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर हमला किया और कहा, यहां एक समस्या यह है कि केंद्र सरकार कार्य करने में सक्षम नहीं हैं और इसकी वजह यह है कि वह फँस गये हैं। लेकिन उन्हें अब भी यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि भारत के लोग सुरक्षित हैं और हमारी ऊर्जा सुरक्षा संरक्षित है। मुझे उम्मीद है कि सरकार मेरी बात सुनेगी।

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