जॉर्जिया मेलोनी का दावा : पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर खोलने की मांग

ऊर्जा संकट की आहट: मेलोनी ने इटली में ईंधन की कमी पर जताई चिंता

जॉर्जिया मेलोनी का दावा : पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर खोलने की मांग

प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया तनाव से इटली में ऊर्जा संकट गहरा सकता है। खाड़ी देशों में अस्थिरता के कारण जेट ईंधन पर प्रतिबंध शुरू हो गए हैं। मेलोनी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने और तेल आपूर्ति सुरक्षित करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं।

रोम। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्वीकार किया है कि यदि पश्चिम एशिया में स्थिति और बिगड़ती है तो देश को ऊर्जा की कमी का सामना करना पड़ सकता है। 'कोरिरे डेला सेरा' अखबार ने शनिवार को इटली के चार हवाई अड्डों—मिलान, वेनिस, ट्रेविसो और बोलोग्ना में जेट ईंधन पर लागू किये गये पहले प्रतिबंध की जानकारी दी। पीएम मेलोनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा, " जब खाड़ी देशों में अस्थिरता बढ़ती है, तो इसका सीधा असर ऊर्जा की लागत, व्यवसायों, नौकरियों और अंततः परिवारों की क्रय शक्ति पर पड़ता है।"

प्रधानमंत्री मेलोनी का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में फारस की खाड़ी के देश प्रमुख भूमिका निभाते हैं। अगर वहां उत्पादन कम या बंद होता है, तो ऊर्जा की कीमतें हर किसी के लिए बढ़ जायेंगी। मेलोनी ने आगाह किया, "अगर स्थिति और खराब होती है तो हम ऐसी स्थिति में पहुंच सकते हैं, जहां हमारे पास जरूरत भर ऊर्जा उपलब्ध न हो, यहां तक कि इटली में भी।" शुक्रवार और शनिवार को सुश्री मेलोनी ने फारस की खाड़ी के देशों का दौरा किया। उनके अनुसार, ये देश इटली की तेल आवश्यकताओं का 15 प्रतिशत हिस्सा पूरा करते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया, "मैंने उनके साथ चर्चा की कि कैसे सहयोग मजबूत किया जाये, तनाव रोकने में मदद की जाये और उन रास्तों पर नौवहन की स्वतंत्रता को तेजी से बहाल किया जाये, जिन पर ऊर्जा, व्यापार और स्थिरता निर्भर करती है, जिसकी शुरुआत होर्मुज जलडमरूमध्य से होती है।” अट्ठाइस फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने तेहरान सहित ईरान में लक्ष्यों पर हमले शुरू किये थे, जिससे काफी नुकसान हुआ और नागरिक हताहत हुए। ईरान इसके जवाब में इजरायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है। बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक तेल और एलएनजी के लिए प्रमुख आपूर्ति मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाले शिपिंग को लगभग रोक दिया है। इसके परिणामस्वरूप अधिकतर देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं।

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