रुपये में ऐतिहासिक गिरावट: 34 पैसे टूटकर 94.30 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा, लगातार बिकवाली से भारतीय मुद्रा दबाव में
रूपए में ऐतिहासिक गिरावट
विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय रुपया शुक्रवार को ऐतिहासिक निचले स्तर ₹94.30 प्रति डॉलर पर लुढ़क गया। पश्चिम एशिया संकट के बाद से मुद्रा में ₹3 की गिरावट आई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय अस्थिरता और डॉलर की मजबूती ने घरेलू अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव बना दिया है।
मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 34 पैसे टूटकर 94.30 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। बीच कारोबार में पहली बार भारतीय मुद्रा इस स्तर तक कमजोर हुई है। पिछले कारोबारी दिवस पर 25 मार्च को यह 20 पैसे की गिरावट में 93.96 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई थी जो इसका अब तक का सबसे कमजोर बंद भाव है।
रुपया आज 22.75 पैसे की गिरावट में 94.1875 रुपये प्रति डॉलर पर खुला और 94.30 रुपये प्रति डॉलर तक टूट गया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में वृद्धि और विदेशी संस्थागत निवेशकों के भारतीय पूंजी बाजार में इस महीने लगातार बिकवाली रहने से भारतीय मुद्रा दबाव में है। पश्चिम एशिया संकट से पहले रुपया 91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था। इस संकट के शुरू होने के बाद अब तक इसमें तीन रुपये प्रति डॉलर की गिरावट आ चुकी है।

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