किसानों के लिए बनें हर तरह की सस्ती मशीनें : चलाने में हो आसान, शिवराज ने कहा- इससे समय और श्रम की होगी बचत
किसान की लागत भी कम हो जाएगी
चौहान ने कहा कि देश की खेती में मशीनीकरण तेज हो रहा है और इसकी मिसाल यह है कि इस साल ट्रैक्टर इतने बिके कि दुनिया चकित रह गई।
भोपाल। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों के पास नयी से नयी मशीनें होनी चाहिये, लेकिन उनकी लागत कम हो और वे चलाने में आसान तथा अधिक प्रभावी भी हों। वह यहां केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान (सीआईएई), भोपाल के 51वें स्थापना दिवस समारोह में लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यहां कपास की तुड़ाई के लिए बनी एक खास मशीन भी किसानों को समर्पित की, जहां कपास की तुड़ाई हाथ से करनी पड़ती हैं, वहां यह मशीन समय और श्रम की बचत कर देगी। इससे किसान की लागत भी कम हो जायेगी। चौहान ने कहा कि यह मशीन जल्द ही किसानों के लिए उपलब्ध होगी।
चौहान ने कहा कि देश की खेती में मशीनीकरण तेज हो रहा है और इसकी मिसाल यह है कि इस साल ट्रैक्टर इतने बिके कि दुनिया चकित रह गई। देश ट्रैक्टर की बिक्री में दुनिया में नंबर एक हो गया है, लेकिन किसान के पास केवल ट्रैक्टर ही नहीं, दूसरी मशीनें भी हों। उन्होंने कहा कि किसान और स्वयं सहायता समूहों की बहनों, के पास छोटी-छोटी मशीनें होनी चाहिए। ये मशीनें केवल केवल बोने की ही नहीं, प्रोसेसिंग करने की भी होनी चाहिए।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि 2.5 लाख रुपये की एक दाल की मशीन बनी है, जिसमें प्रति घंटे 20 किलो दाल बनाई जा सकती है। यह मशीन किसान, किसान का ग्रुप या सेल्फ हेल्प ग्रुप खरीद भी सकते हैं। खरीदने में भी कई तरह की सरकारी योजनाएं हैं। इसके अलावा दलहन आत्मनिर्भरता मिशन में 50 प्रतिशत सब्सिडी भी मिलेगी।

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