बजट 2026: वित्त मंत्री ने कहा-शिक्षा व्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार करना और युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना, एसटीईएम को मजबूत करने पर दिया जोर
बजट में शिक्षा को बढ़ावा
बजट 2026-27 में शिक्षा के लिए 1.39 लाख करोड़ रुपये आवंटित, एसटीईएम शिक्षा, छात्रावास, यूनिवर्सिटी टाउनशिप और शोध अवसंरचना मजबूत करने पर सरकार का जोर।
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने बजट में शिक्षा को प्राथमिकता वाले क्षेत्र में रखते हुये इस वर्ष 8.27 प्रतिशत से अधिक धनराशि का प्रावधान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट 2026-27 पेश किया जिसमें शिक्षा को 1,39,289 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह पिछले वर्ष की तुलना में 8.27 फीसदी अधिक है। वर्ष 2025-26 के बजट में कुल 128650 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। सरकार का कहना है कि इस बजट का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार करना और युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।
बजट में उच्च शिक्षा और खासतौर पर विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और मैथ्स (एसटीईएम) को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सिर्फ बढ़े ही नहीं बल्कि स्थायी बने। इसी सोच के तहत देश के हर जिले में उच्च शिक्षा एसटीईएम संस्थानों से जुड़े लड़कियों के छात्रावास बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे दूर-दराज से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक तौर पर रहने की जगह मिलेगी।
इसके अलावा औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित की जाएगी। इन टाउनशिप का मकसद पढ़ाई और इंडस्ट्री को एक ही इकोसिस्टम में लाना है ताकि छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही इंडस्ट्री एक्सपोजर, इंटर्नशिप और नौकरी के मौके मिल सकें। रिसर्च और साइंस को बढ़ावा देने के लिए देश में चार बड़े टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर सेंटर बनाए या अपग्रेड किए जाएंगे।

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