राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा रोकना चिंताजनक : संसद केवल कानून बनाने का मंच नहीं, सैलजा ने कहा- सभी पक्षों को अपनी बात रखने का मिले अवसर
यह गंभीर विचार का विषय है
माननीय राष्ट्रपति अपने अभिभाषण में देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करती हैं, तो उसी विषय से संबंधित तथ्यों को सदन में रखना असंगत कैसे ठहराया जा सकता है, यह गंभीर विचार का विषय है।
नई दिल्ली।सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, विशेषकर चीन से जुड़े मुद्दे पर तथ्यात्मक संदर्भ प्रस्तुत करने से रोके जाने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए चिंताजनक बताया। मीडिया को जारी एक बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसा गंभीर और संवेदनशील विषय पर विपक्ष संसद में खुली, तथ्याधारित और जिम्मेदार चर्चा की मांग करता है। उन्होंने कहा कि जब माननीय राष्ट्रपति अपने अभिभाषण में देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करती हैं, तो उसी विषय से संबंधित तथ्यों को सदन में रखना असंगत कैसे ठहराया जा सकता है, यह गंभीर विचार का विषय है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि संसद केवल कानून बनाने का मंच नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक और व्यापक विमर्श का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है। विशेष रूप से जब मामला देश की सीमाओं, राष्ट्रीय सुरक्षा और चीन से जुड़े हालात का हो, तब संवाद को सीमित करने के बजाय उसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संसदीय नियमों का उद्देश्य चर्चा को व्यवस्थित करना है, ना कि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर संवाद को रोकना। लोकतंत्र की मजबूती इसी में है कि सभी पक्षों को समान रूप से अपनी बात रखने का अवसर मिले। कुमारी सैलजा ने जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और संसद में तथ्य, तर्क और जिम्मेदारी के साथ चर्चा होना समय की आवश्यकता है।

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