सुधांशु त्रिवेदी का आरोप : महिला सशक्तिकरण और छात्रों के मुद्दे पर दिखावे की राजनीति करता है 'इंडिया गठबंधन', विद्यार्थियों के हितों को लेकर कांग्रेस के दावों की असलियत उजागर

अभ्यर्थियों को चुभ रही गांधी की चुप्पी

सुधांशु त्रिवेदी का आरोप : महिला सशक्तिकरण और छात्रों के मुद्दे पर दिखावे की राजनीति करता है 'इंडिया गठबंधन', विद्यार्थियों के हितों को लेकर कांग्रेस के दावों की असलियत उजागर
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने झारखंड JPSC परीक्षा में स्ट्रांग रूम तोड़कर प्रश्नपत्र बदलने के आरोपों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने इसे ‘पेपर लीक नहीं, पेपर की लूट’ बताया। महिला प्रतिनिधित्व पर भी कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि चार राज्यों की सरकारों में सिर्फ तीन महिला मंत्री हैं।

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महिला सशक्तिकरण और विद्यार्थियों के मुद्दे पर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर दिखावे की राजनीति करने का आरोप लगाया है और कहा है कि झारखंड के प्रश्न पत्र लीक मामले ने विद्यार्थियों के हितों को लेकर इनके दावों की हकीकत की पोल खोल दी है। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की जांच प्रक्रिया में कुछ ऐसी बातें सामने आई हैं, जो बहुत चौंकाने वाली हैं और विद्यार्थियों के हितों को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन के दावों की असलियत को उजागर करती हैं।

उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच में ऐसी बातें सामने आई हैं कि सहायक वन संरक्षक और वन रेंज अधिकारी की परीक्षा के लिए बने स्ट्रांग रूम को तोड़ा गया, प्रश्न पत्र निकाले गये और उनमें बदलाव किए गये। दूसरे शब्दों में, झारखंड में जो हुआ वह पेपर लीक नहीं, बल्कि पेपर की लूट थी। उन्होंने कहा, मैं विद्यार्थियों से कहना चाहता हूं कि झारखंड में जो कुछ भी सामने आया है कि उसने कांग्रेस की हकीकत को उजागर कर दिया है। दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है। इस विषय पर गांधी की चुप्पी झारखंड सहित देशभर के अभ्यर्थियों को चुभ रही है।

महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी चार राज्यों में सत्ता में है और इन चार राज्यों के मंत्रिमंडल में कुल मिलाकर केवल तीन महिलाएँ हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक के मंत्रिमंडल में एक भी महिला नहीं है। तेलंगाना में दो महिलाएं मंत्री थीं, जिनमें से एक को हटा दिया गया। वहीं  केरल के मंत्रिमंडल केवल दो महिलाएँ शामिल हैं। यह राजनीति में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के मामले में कांग्रेस की असलियत को दिखाता है।

त्रिवेदी ने कहा, 4 सरकारें और केवल तीन महिला मंत्री, यह बहुत बड़ा अन्याय है, लेकिन मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि इस अन्याय पर गांधी चुप हैं और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे चुप हैं। इससे पता चलता है कि वे मन, वचन और कर्म तीनों स्तरों पर राजनीति में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के विरोधी हैं। इसलिए, वे जो कहते हैं, वह करते नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के इतिहास में सबसे ज्यादा महिला मंत्री हैं। उन्होंने मोदी को महिलाओं के हितों से जुड़े मुद्दों पर भरोसे का प्रतीक बताते हुए गांधी को इस मुद्दे पर भरोसे का संकट करार दिया। उन्होंने कहा, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा कहती हैं कि'लड़की हूं, लड़ सकती हूं', 50 प्रतिशत टिकट दे सकती हूं, लेकिन चार राज्यों में केवल तीन महिला मंत्रियों के मुद्दे पर मौन धारण करके बैठी हैं। इसलिए मैं देश की सभी महिलाओं से कहना चाहता हूं कि आप सभी को ये देखना चाहिए कि कांग्रेस का असली चेहरा क्या है।

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